अहमदाबाद। गुजरात में मानव तस्करी कर बच्चों से भीख मंगवाने और चोरी करवाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड हुआ है। अहमदाबाद अपराध शाखा पुलिस ने 17 बच्चों को मुक्त कराया है। पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा मुक्त कराए गए बच्चों में 5 लड़के और 12 लड़कियां शामिल हैं।

पूछताछ के दौरान महिला ने कहा है कि ये सभी उसके बच्चे हैं। उसकी तीन शादियां हुई हैं। तीनों पति गुजर गए हैं। हालांकि पुलिस को उसकी बातों पर भरोसा नहीं है। अब बच्चों के डीएनएन टेस्ट की कार्रवाई शुरू की गई है।

अहमदाबाद महिला क्राइम ब्रांच की डीसीपी मीनी जोसेफ ने बताया कि चोरी के मामले गिरफ्तार दो लड़कियों से पुछताछ में पता चला था कि शहर के वटवा क्षेत्र में बच्चों से भीख मंगवाने वाला गिरोह सक्रिय है। इस सूचना के आधार पर पुलिस की टीम 15 दिनों से वटवा इलाके में गिरोह पर नजर रख रही थी। जब पुलिस को पक्की खबर मिली कि पिकनिक हाउस स्थित मानवनगर सोसायटी के मकान में बच्चों को रखा जाता है तब महिला क्राइम ब्रांच की छह टीमों ने यहां छापा मारा।

पुलिस के मुताबिक, छापे के दौरान मकान में 17 बच्चों के साथ 55 वर्षीय महिला आनंदी सलाट और तकरीबन 40 से 45 साल का संपत तनिका सलम भी मौजूद थे। जांच में पता चला कि यह दोनों बच्चों से चोरी व भीख मंगवाते थे। इतना ही बच्चों के मना करने पर उन्हें बेहरमी से पीटते थे।

9 महीने से 17 साल के बच्चे: महिला क्राइम ब्रांच की डीसीपी मीनी जोसेफ ने बताया कि छापे के दौरान मकान में से 17 बच्चे पाये गये। इसमें 9 महीने से 17 साल के बच्चे है। इसमें 5 लड़के और 12न लड़कियां है। बच्चों के शरीर पर चोट निशान भी मिले है। पुछताछ में पता चला है कि चोरी करने से इंकार करने पर महिला और उसका साथी बच्चों को पीटते थे। उनके आंखों में मिर्च का पावडर डाल देते थे। जिसके डर से बच्चें चोरी करते व भीख मांगते थे। पुलिस ने बताया कि यह महिला नौ महिने पहले भी बच्चों से भीख मंगवाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुकी है। हालाकि कोर्ट में गलत एफिडेविट पेश कर छुट गयी थी। ये बच्चे कहां लाये गये तथा किसके है इस संबंध में पुछताछ की जा रही है।