अहमदाबाद। देशभर में भारी बारिश हो रही है और यह बारिश इन दिनों गुजरात को भी तर कर रही है। हालात ऐसे हैं कि राज्य के कईं गांवों और शहरों में पानी गले तक भरा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ उपरी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सरदार सरोवर बांध का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार दोपहर तक इसका जलस्तर 131 मीटर पर पहुंचने के बाद इसके गेट खोल दिए गए।

जिस सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर से मध्यप्रदेश के कईं डूब प्रभावित जिलों में पानी भर गया है उसी बांध के अब पहली बार गेट खोल दिए गए।

भारी बारिश के कारण नर्मदा बांध का स्तर लगातार बढ़ रहा था और नर्मदा बांध में छह लाख क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। जिसके कारण फिलहाल बांध का स्तर 131 मीटर तक पहुंच गया। पहली बार इस स्तर तक भरे सरदार सरोवर बांध का दौरा करने खुद मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी पहुंचे और उन्होंने पूजा और नर्मदे सर्वदे के उद्घोष के बीच बांध के गेट खोलने को मंजूरी दी।

हर घंटे जलस्तर में 32 सेमी की बढ़ोतरी हो रही थी और नर्मदा कंट्रोल आथॉरिटी ने सरदार सरोवर बांध को 131 मीटर तक भरने की मंजूरी दी थी।

बांध के दरवाजे खोलने से वडोदरा, भरुच, नर्मदा जिले के किनारे वाले इलाकों को अलर्ट कर दिया है।

पहली बार खुले दुनिया के सबसे बड़े बांध के गेट

सरदार सरोवर दुनिया का दुसरा सबसे बड़ा बांध है। यह नर्मदा नदी पर बना 138 मीटर ऊंचा (नींव सहित 163 मीटर) बांध है। नर्मदा नदी पर बनने वाले 30 बांधों में सरदार सरोवर और महेश्वर दो सबसे बड़ी बांध परियोजनाएं हैं। इस बांध का शुरू से ही विरोध होता रहा है। इस परियोजना की पहल 1945 में हुई थी और 1961 में इसकी नींव रखी गई थी।

1995 में सुप्रीम कोर्ट ने बांध की ऊंचाई 80.3 मीटर से अधिक करने पर रोक लगाई लेकिन 19-99 में बांध को 85 मीटर तक ऊंचा बनाने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद सन 2000 से 2006 के बीच बांध की ऊंचाई 90 मीटर से 121 मीटर तक करने को मंजूरी मिल गई।

इसके बाद 2014 में इस बांध की ऊंचाई सर्वाधिक 138.68 मीटर करने को मंजूरी मिली। 17 जून को इस बांध के सभी 30 गेट बंद कर दिए गए और 17 सितंबर 2017 को प्रधानमंत्री मोदी ने इस बांध को देश को समर्पित किया था।

2013-14 और 2014-15 में यह बांध जब 121 मीटर का था तब इसमें पानी ओवरफ्लो हुआ था। इसके बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब 131 मीटर भरने के बाद बांध के गेट खोले गए हैं।

Posted By: Ajay Barve