अहमदाबाद। गुजरात में सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के पर्व को उत्तरायण के रूप में मनाया जाता है। राज्य में मंगलवार को ही यह पर्व जमकर मनाया गया और इस दौरान पूरा आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से ढक गया। हालांकि, त्योहार की इस खुशी और पतंगबाजी की मस्ती कुछ लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हुई। मंगलवार देर शाम सात बजे तक राज्य में 108 को आपातकालीन सेवा के लिए कुल 3351 कॉल मिले। वहीं मांझे से घायल होने के 186 मामले दर्ज हुए। वहीं पतंग उड़ाने के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। पतंग के मींझे से जीभ और गला कटने की कई घटनाएं भी हुई हैं। हांलाकि छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो उतरायण पर्व शांतिपूर्वक मनाया गया।

गुजरात में उतरायण पर्व पर पतंगबाजी का रिवाज है। लोग बड़े-बड़े फार्म हाउस एवं ऊंची-ऊंची इमारतों से पतंगबाजी का शौक पूरा करते हैं। इसमें बच्चे, बूढ़े, नौजवान, युवतियां और महिलाएं बड़ी तादाद में शामिल होते हैं। पतंगबाजी के शौकीन छतों को किराए पर रखकर बड़ी तादाद में इसे समारोह पूर्वक मनाते हैं। इस बार मकर संक्राति उतरायण पर्व पर 108 को आपातकालीन सेवा के लिए पिछले साल के मुकाबले 296 कॉल ज्यादा मिले। गत वर्ष 108 को 3055 कॉल मिले थे।

उतरायण पर्व के दौरान राज्य के अहमदाबाद शहर से 108 को सर्वाधिक 611 कॉल मिले। अहमदाबाद में पतंगबाजी करते समय छत से गिरी किशोरी की मौत हो गई, वहीं एक बाइक चालक पतंग की मांझे से घायल हो गया। इससे उसके गले पर बड़ा घाव हुआ। हांलाकि चिकित्सकों ने उसे बचा लिया।

वडोदरा में भी पतंग उड़ाते समय एक किशोर की मौत हो गई। वडोदरा के सयाजीपुरा मुख्यमंत्री आवास में 16 वर्षीय करण नामक किशोर पतंग उड़ाते समय टेरेस से गिर गया। इस घटना में उसकी मौत हो गई। वहीं सूरत के चलथाण निवासी पप्पूसिंह का चार वर्षीय पुत्र के गले में दोरी फंस गई। उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती किया गया है।

दूसरी तरफ घुड़दौड़ स्थित बीएस एनएल कोलोनी निवासी 67 वर्षीय बालूभाई पवार निर्मल फ्लाप ओवर से गुजर रहे थे पतंग की डोर से उनका गला कट गया। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया हैं। वहीं यहाँ पतंग की दोरी से युवक की जीभ कट गयी।

गुजरात में पतंगबाजी के दौरान कई पक्षी भी घायल हुए हैं। राज्य सरकार और जीवदया प्रेमियों ने पक्षियों के इलाज के लिए जगह-जगह सेंटर्स भी खोल रखे है। गुजरात में पतंगबाजी के दौरान घायल होने की घटनाओं अहमदाबाद सबसे उपर है यहां 661 लोग घायल होने के बाद 108 एम्बुलेंस अस्पताल में भर्ती हुए है। वहीं सूरत में 300, दाहोद 170, वड़ोदरा 163, राजकोट 159, भावनगर में 151, वलसाड 151, कच्छ 199, भरुच 101, पचंमहाल 99, जानगर 98, गांधीनगर 86, जूनागढ 85, आणंद 81, अमरैली 80, बनासकांठा 77, नवसारी 76, महेसाणा 74, महिसागर 73, नर्मदा 69, खेडा 67, साबरकांठा 67, छोटाउदयपुर65, तापी 59 सहित के जिलों में पंतग-मांझे से घायल होने के मामले सामने आया है।

Posted By: Ajay Barve

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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