अहमदाबाद। गुजरात में सूरत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नजीर पेश करते हुए महज सात माह में सुनवाई पूरी करते हुए अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के दोषी को फांसी की सजा सुनाई। आरोपी बिहार का रहने वाला है, जिसने 2018 में अपनी पड़ोसी की बेटी के साथ हैवानियत की थी। दोषी को फांसी की सजा सुनाते हुए जज ने टिप्पणी की, 'ऐसा तो जानवर भी नहीं करते।' जानिए पूरे घटनाक्रम के बारे में -

घटनाक्रम 14 अक्टूबर 2018 का है। सूरत के लिंबायत घोडादरा इलाके में बिहार के बक्सर जिला निवासी अनिल यादव किराए के मकान में रहता था। घटना वाले दिन अनिल अपनी पड़ोस में रहने वाली पौने चार साल की मासूम को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया। इसके बाद मासूम की हत्या कर दी और फरार हो गया।

मामले थाने पहुंचा तो पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद एफएसएल रिपोर्ट में साफ हो गया कि वारदात को अनिल ने ही अंजाम दिया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।

गुरुवार को सूरत अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) पीएस काला में सुनवाई हुई। सरकारी वकील नयन सुखडवाला ने मामले को दुर्लभतम बताते हुए कहा कि अनिल आदतन अपराधी है और उस पर किसी तरह का रहम नहीं किया जा सकता। इस कृत्य के बाद अपराधी में सुधार की कोई गुंजाइश देखना पीड़िता के साथ अन्याय होगा व समाज को भी गलत संदेश जाएगा।

जस्टिस पीएस काला फैसला सुनाते हुए कहा कि ऐसा कृत्य तो जानवर भी नहीं करते। ऐसे अपराधी को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती।

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