अहमदाबाद (ब्यूरो)। युवती की जासूसी मामले में जांच के लिए राज्य सरकार की तरफ से गठित जस्टिस सुगण्या भट्ट आयोग की वैधता को चुनौती देते हुए गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया है कि पिछले छह महीने में राज्य में 93 हजार लोगों की जासूसी कराई गई।

याचिकाकर्ता गिरीश दास ने शुक्रवार को हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर सिर्फ एक युवती की जांच पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक जांच आयोग कानून 1952 के भाग 3 के तहत गठित जांच आयोग जन महत्व के सिद्धांत का पालन नहीं करता। याचिकाकर्ता ने पिछले छह महीने में 93 हजार लोगों की अवैध फोन टैपिंग का आरोप लगाते हुए इनकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। इस पर सुनवाई अगले गुरुवार को होगी।

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