अहमदाबाद। फिल्म बाहुबली ने सफलता के झंडे कैसे गाढ़े, इस पर आईआईएमए (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद के छात्र रिसर्च करेंगे। इसमें उन कारणों पर शोध होगा जिसके चलते फिल्म इतनी बड़ी हिट साबित हुई।

संस्थान में फ्लैगशिप प्रोग्राम के तहत दूसरे वर्ष के छात्रों के लिए फिल्मों के कारोबार पर एक चयनित कोर्स शुरू किया गया है। इससे पहले रोजा व रजनीकांत की मुथु पर शोध हो चुका है। यह फिल्म जापान में बहुत बड़ी हिट साबित हो चुकी है।

आईआईएमए के पूर्व छात्र व विजिटिंग फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किए गए भारतन कंडास्वामी छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। उनका मानना है कि कई बार कोई फिल्म बेहतरीन बनी होती है, लेकिन कारोबार करने में कामयाब नहीं होती तो कुछ मौकों पर कमजोर कहानी पर आधारित फिल्में शुरुआत तो अच्छी ले जाती हैं पर सप्ताह भर में उन्हें रेस से बाहर होना पड़ता है।

उनका कहना है कि बाहुबली के मामले में कला, तकनीक व कारोबार एक साथ सामने आए। फिल्म का हर पहलू भौचक करने वाला रहा। इसे जिस तरह से बनाया गया, वह तकनीक का कमाल था। कला का अभूतपूर्व नजारा फिल्म में था। दोनों पक्ष मिले तो फिल्म ने बाक्स आफिस पर अचंभित करने वाला कारोबार कर डाला।

गौरतलब है कि आईआईएम के कोर्स में पिछले साल नया चैप्टर शामिल किया गया है, जिसमें बताया गया है कि अमेजन, नेटफ्लिक्स व हॉट स्टार कैसे फिल्म इंडस्ट्री को प्रभावित कर रहे हैं।

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