अहमदाबाद। गुजरात के पालनपुर जिले की थराद तहसील का वाडिया गांव जिस्मफरोशी के लिए जाना जाता है। राजस्थान की सीमा के पास स्थित इस गांव में मानो जिस्म फरोशी ही व्यापार है। यह सब अवैध है लेकिन ऐसा लगता है कि इसे सामाजिक मान्यता मिली हुई है। अब इस गांव की एक 20 वर्षीय युवती ने उसके पास आने वाले युवक से शादी कर क्रांतिकारी कदम उठाया है।

वाडिया गांव में उसके 70 वर्ष के इतिहास में पहली बार किसी युवती ने घर से भाग कर शादी की। 28 वर्षीय कनक (परिवर्तित नाम) ने कशिश (नाम परिवर्तित) नामक युवती से शादी की है। हालांकि इस घटना से दलालों में बौखलाहट है। गांव के पुरुषों में भी इसकी खिलाफत है। वे नव दंपती की हत्या करना चाहते हैं। इसके लिए गांव से 30 गाड़ियां अहमदाबाद में दंपती की तलाश कर रही हैं।

इस गांव के पुनरुद्धार के लिए स्वयंसेवी संगठनों ने भी काफी प्रयास किया है। किंतु गांव के लोगों के असहयोग के कारण इसमें सफलता ही नहीं मिल रही है। गांव में युवतियां एवं अन्य महिलाएं इसी अवैध धंधे में संलिप्त हैं। यहां की लड़कियों को जन्म के बाद जवानी का परवान चढ़ने के साथ ही इस धंधे में धकेल दिया जाता है।

इस गांव के पुरुष अपनी बहन-बेटियों के जिस्म का सौदा करते हैं। वे पत्नी, मां और बहन भी हो सकती है। इस गांव की इसी प्रकार के व्यवसाय में फंसी एक युवती ने उसके पास आने वाले युवक से भाग कर शादी कर ली।

पुलिस अफसर ने की मददअहमदाबाद में हुई इस शादी के लिए युवती के पास जन्म का प्रमाण-पत्र ही नहीं था, किंतु इस पवित्र काम में गुजरात के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रैंक के पुलिस अफसर ने मदद की। उसे गांव की स्कूल से जन्म का प्रमाण-पत्र मिल गया। जहां वह केवल पांचवीं तक पढ़ पाई थी। उसे 15 वर्ष की आयु में इस धंधे मे धकेल दिया गया था। हालाकि वह पढ़ना चाहती थी।

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