अहमदाबाद। दुनियाभर में आतंक मचाने वाला जीका वायरस 72 साल पहले गुजरात में पाया जा चुका है। पुणे की इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की रिपोर्ट में यह बात सामने आई। रिपोर्ट में राज्य में फिर जीका की उपस्थिति की आशंका जताई गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 1954 में भरूच में जीका वायरस पाया गया था। संस्था के वैज्ञानिक देवेंद्र मौर्य व उनकी टीम ने इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च को सौंपी गई रिपोर्ट में राज्य में जीका की उपस्थिति की आंशका जताई है।

जीका के प्रमुख लक्षणों में बुखार, जोड़ों में दर्द आदि हैं। यह वायरस गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करता है। इसकी चपेट में आने से भ्रूण का विकास अवरुद्ध हो जाता है। इस कारण जन्म लेने वाले बच्चों के मस्तिष्क का आकार छोटा हो जाता है।

Posted By:

  • Font Size
  • Close