अहमदाबाद (एजेंसी)। गुजरात में दस साल से रिक्त पड़े लोकायुक्त पद पर नरेंद्र मोदी सरकार ने हाई कोर्ट के पूर्व जज डीपी बुच के नाम की राज्यपाल के पास सिफारिश भेजी है। गुजरात में लोकायुक्त का पद 2003 में जस्टिस आरएम सोनी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से ही खाली है।

इसको लेकर कांग्रेस और दूसरे सामाजिक संगठन मोदी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार पर लगातार निशाना बनाते रहे हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में जस्टिस बुच के नाम पर अंतिम मुहर लगी। अधिकारियों का कहना है कि गुजरात हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस भास्कर भट्टाचार्य ने लोकायुक्त के लिए जस्टिस बुच के नाम की सिफारिश की थी।

दो साल पहले राज्यपाल कमला बेनीवाल ने अगस्त, 2011 में जस्टिस (सेवानिवृत्त) आरए मेहता को गुजरात का लोकायुक्त नियुक्त कर दिया था। इसके बाद राज्य से लेकर केंद्र तक सियासी राजनीतिक गरमा गई थी। मोदी सरकार ने राज्यपाल के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने मेहता को लोकायुक्त नियुक्त करने के फैसले को सही ठहराते हुए राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया था।

हालांकि, बाद में जस्टिस मेहता ने गुजरात सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए लोकायुक्त का पद संभालने से इन्कार कर दिया था।

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