अहमदाबाद। हिन्दू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी के हत्यारे अशफाक और मयुद्दीन पठान को हत्या पर कोई अफसोस नहीं है। अहमदाबाद की मिर्जापुर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 72 घंटे के ट्राजिंट रिमांड पर सौंपा है। दोनों आरोपियों को गुरुवार सुबह अहमदाबाद से उत्तरप्रदेश लाया जाएगा।

गुजरात एटीएस ने मंगलवार को शाम कमलेश तिवारी के हत्यारे अशफाक और मयुद्दीन को गुजरात-राजस्थान बोर्डर के पास शामलाजी से गिरफ्तार किया था। गुजरात एटीएस ने रात भर दोनों से पूछताछ की, जिसमें कई खुलासे हुए हैं। आरोपियों के निशाने पर अन्य हिंदू संगठनों के नेता थे। आरोपियों ने मौलाना व मोलवियों के साथ बैठक भी की थी। जिसमें बताया जाता था कि धर्म के खिलाफ बोलने वालों की हत्या करना कोई गुनाह नहीं है।

एटीएस के सामने आरोपियों ने कबूल किया कि कमलेश तिवारी की हत्या करने के दौरान मिस फायर होने से अशफाक के हाथ में गोली लग गई थी। मयुद्दीन सूरत में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव होने उसने खुद ही अशफाक का उपचार किया था। हत्या करने के बाद दोनों बरेली गये थे।

बरेली में स्थायी दिल्ली के नामी वकील के यहां आसरा लिया था। हालाकि एटीएस ने वकील के बारे में कोई खुलासा नहीं किया है। दोनों बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत व अंबाली छिपते रहे। पुलिस को गुमराह करने के लिए दूसरे के मोबाइल से फोन करते थे।

एटीएस ने बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या करने के बाद उनके पास केवल 12 हजार रुपये थे। दोनों नेपाल बोर्डर तक गये थे। लेकिन रुपये खत्म हो जाने से अशफाक ने अपनी पत्नी महेजबीन को फोन कर रुपये की व्यवस्था करने के लिए कहा था। दोनों बस, ट्रेन और ट्रक में गुजरात के शामलाजी पहुंचे थे। जहां ट्रक में से दोनों को दबोच लिया गया।

Posted By: Navodit Saktawat