अहमदाबाद। कमलेश तिवारी हत्‍याकांड का मुख्‍य सूत्रधार रशीद खान दुबई में कराची की एक कंपनी में कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर का काम करता था। वह 2017 में दुबई गया था तथा तीन माह पहले ही सूरत लौटा था। काफी समय से वह पोरबंदर के किसी व्‍यक्ति के संपर्क में था लेकिन किसी आतंकी या कट्टरवादी संगठन से इनके संपर्क की जानकारी सामने नहीं आई है।

सूत्र बताते हैं कि उद्योगकर्मी सुपरफास्‍ट ट्रेन 12943 जो वलसाड से कानपुर के बीच चलती है, से रशीद अपने एक साथी के साथ यूपी पहुंचा। बताया जा रहा है कि मिठाई का डिब्‍बा वह अपने साथ ले गया था। वह कानपुर ही रहा या लखनऊ भी गया उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, साथ ही वे वापस सूरत ट्रेन से लौटे या हवाई जहाज से इसका पता नहीं चल पाया है।

गुजरात के सूरत से जिन तीन को हिरासत में लिया है, उनके नाम-फैजान यूनुस भाई, मौलाना मोहसिन शेख और राशिद अहमद खुर्शीद अहमद पठान है। पठान को वारदात का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

अब तक कोई आतंकी कनेक्शन नहीं : डीजीपी उप्र के डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि हिरासत में लिए गए पांचों लोगों से उप्र व गुजरात पुलिस पूछताछ कर रही है। तिवारी की हत्या में अब तक कोई आतंकी कनेक्शन नहीं मिला है। सूरत से पकड़े गए तीन लोगों से पूछताछ के लिए उप्र एटीएस की टीम भी वहां पहुंच गई है। मिठाई की दुकान के फुटेज में दिखाई दे रहे तीन में सबसे पहले फैजान की पहचान हुई और उसे दबोचा गया।

उसके बाद मौलाना मोहसिन शेख और राशिद पठान को पकड़ा। इनसे पूछताछ में इनका कोई आतंकी कनेक्शन नहीं मिला है। दो को पूछताछ के बाद छोड़ा डीजीपी ने बताया कि राशिद पठान के भाई और गौरव तिवारी को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। गौरव ने कुछ दिन पहले कमलेश को फोन कर कहा था कि वह हिंदू समाज पार्टी का सूरत व अन्य जगह काम करना चाहता है।

Posted By: Navodit Saktawat