अहमदाबाद, ब्यूरो। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री सरदार पटेल होते तो देश की तस्वीर कुछ ओर होती। गुरुवार को मोदी नर्मदा बांध के पास लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा का शिलान्यास करने वाले हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। प्रतिमा के लिए देशभर से लोहा संग्रह करने का काम अब 15 दिसंबर से किया जाएगा।

विरासत का विभाजन नहीं

सरदार पटेल जयंती की पूर्व संध्या पर बुधवार को गांधीनगर में हुए भाजपा कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में मोदी ने कांग्रेस पर सरदार पटेल के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल होते तो आज देश की तस्वीर जुदा होती। सरदार को अपनी पार्टी की विरासत बताने वाले कांग्रेस नेताओं को जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि विरासत का विभाजन नहीं हो सकता। विरासत हमेशा संयुक्त होती है। भारत व बंगलादेश 1857 की क्रांति की विरासत को संयुक्त रूप से अपनाते तो आज स्थितियां अलग होती।

5 लाख गांवों से मांगा लोहा

मोदी ने देश के पांच लाख से अधिक गांवों के किसानों से सरदार की प्रतिमा बनाने के लिए पुराने कृषि औजार मांगे थे। राजस्थान, मध्यप्रदेश व दिल्ली समेत पांच राज्यों के चुनावों के चलते देशभर से लोहा संग्रह करने के अभियान को अब लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि 15 दिसंबर से देशभर में फैलाया जाएगा।

मेरे दिमाग में अलग सॉफ्टवेयर : मोदी

मोदी ने कहा कि उनके दिमाग का सॉफ्टवेयर कुछ अलग है, छोटी मोटी बातें उनके दिमाग में आती ही नहीं हैं। गौरतलब है कि मोदी गुरुवार को सरदार सरोवर नर्मदा बांध के पास सरदार की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का शिलान्यास करने वाले हैं। सरदार ने चूंकि देश के 562 रजवाड़ों का एकीकरण कर अखंड भारत का निर्माण किया इसलिए प्रतिमा का नाम स्टेच्यू ऑफ यूनिटी रखा गया है। इस योजना पर दो हजार पांच सौ करोड़ से अधिक की लागत आएगी।

सरदार युवाओं के प्रेरणास्रोत

मोदी ने सरदार पटेल की जयंती की पूर्व संध्या पर अपने ब्लॉग में लिखा है कि देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले सरदार पटेल युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं तथा उनके व्यक्तित्व में अपार गुण छिपे थे। मोदी ने कहा कि दुनिया मेंसबसे ऊंची सरदार कीप्रतिमा निर्माण करने के संकल्प की शुरुआत होने वाली है। एकता से डरने वाली ताकतें आज बम व बंदूक से दुनिया को डराने निकली हैं लेकिन उन्हें समझना होगा कि वे बम और बंदूक से कुछ भी हासिल करने वाले नहीं हैं।

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