अहमदाबाद (ब्यूरो)। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य को कालेधन से मुक्त बनाने के लिए धन की नकद हस्तांतरण व्यवस्था को समाप्त कर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर बल दिया। मोदी ने कहा कि दुनिया में भले पूंजीवाद व साम्यवाद को अपनाने के बीच खींचतान चल रही हो लेकिन भारत विश्व को सहकारिता का दर्शन कराने में सक्षम है।गुजरात स्टेट कॉ ऑपरेटिव बैंक के नवनिर्मित सरदार पटेल भवन के उद्देश्‍यउद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री मोदी ने प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों से आह्वान किया कि प्रदेश को कालेधन से मुक्तकरने के लिए राशि के हस्‍तांतरण की ऑनलाइन व्यवस्था को अपनाना होगा।

सहकारवाद को पूंजीवाद व साम्यवाद से श्रेष्ठ बताते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया मंदी के संकट से जूझ रही है लेकिन गुजरात सहकार व्यवस्था के कारण मजबूत अर्थतंत्र के साथ खड़ा रहा। मोदी ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण को सहकारिता बैंकों के लिए आत्‍मघाती कदम बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के बैंकों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए आधुनिक तकनीक व्यवस्था को अपनाना होगा।

मोदी ने कहा कि एक दशक पहले जब गुजरात का सहकारिता क्षेत्र भयंकर संकट से जूझ रहा

हा था तब गुजरात सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए बिना किसी भेदभाव के दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जिसके चलते आज यह क्षेत्र फिर से फलफूल रहा है। मोदी ने कहा महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के संकल्प के रूप में सहकारी बैंकों को अभी से स्वच्छ गुजरात के अभियान को शुरू करना चाहिए साथ ही वर्ष 2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ के लिए भी लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। मोदी ने सहकारी बैंकों में चल रहे मुकदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सहकारी क्षेत्र व बैंकों का अधिकांश व धन उनके ग्राहकों पर खर्च होने के बजाए वकीलों की जेब में जा रहा है। सहकारिता क्षेत्र में आंतरिक चुनाव व्यवस्था विकसित करनी चाहिए ताकि एक साफ सुथरी व्यवस्था बनाई जा सके।

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