अहमदाबाद। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के एक ओर करीबी साथी निखिल सवाणी ने आंदोलन समिति से इस्‍तीफा दे दिया है। आंदोलन के राजनीतिक होने का आरोप लगाते हुए सवाणी अलग हो गए, इससे पहले चिराग व केतन पटेल ने हार्दिक पर आंदोलन के नाम पर पैसा बनाने का आरोप मंढा था।

अहमदाबाद में एक पत्रकार सम्‍मेलन कर पाटीदार आरक्षण आंदोलन समित पास के सूरत संयोजक तथा वडोदरा, भरुच व नर्मदा के प्रभारी निखिल सवाणी ने कहा कि पास गुजरात के पाटीदार समाज को आरक्षण दिलाने के लिए बनाई गई थी लेकिन अब इसका झुकाव राजनीति की ओर बढ रहा है।

निखिल ने हार्दिक पर फैसले लेने में मनमानी का आरोप लगाया है। पाटीदारों के लिए होने वाले सामाजिक आंदोलन में वे हमेशा साथ खडे होंगे लेकिन पास में अब समाज का हित नजर नहीं आता इसलिए अलग होना पसंद कर रहे हैं। निखिल ने बताया कि वे भाजपा या कांग्रेस के इशारे पर ऐसा नहीं कर रहे हैं, भाजपा से पहले भी ऑफर मिले व दबाव भी बनाया गया लेकिन वे पाटीदार समाज के लिए काम करते रहेंगे।

इससे पहले हार्दिक के साथी चिराग पटेल व केतन पटेल ने भी एक सार्वजनिक पत्र लिखकर हार्दिक पर मनमाने तरीके से फैसले करने तथा आंदोलन के नाम पर पैसा बनाने का आरोप लगाया। दोनों ने कहा कि आंदोलन के दौरान वे भी जेल गए लेकिन पाटीदार समाज को कभी नुकसान नहीं होने दिया। हार्दिक महंगी आलीशान कारों में धूमता है। हार्दिक की कार्यशैली से पाटीदार समाज को नुकसान होने की संभावना भी जताई।

हार्दिक, जिग्‍नेश, अल्‍पेश का स्‍वागत

गुजरात कांग्रेस के अध्‍यक्ष भरतसिंह सोलंकी ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, दलित नेता जिग्‍नेश मेवाणी तथा ओबीसी नेता अल्‍पेश ठाकोर को कांग्रेस में शामिल होने का खुला न्‍यौता दिया है। भरुच में पत्रकार वार्ता के दौरान सोलंकी ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों में विश्‍वास हो तो युवा नेता पार्टी में आ सकते हैं।

कांग्रेस में मुख्‍यमंत्री पद की होड पर सोलंकी ने कहा कि पार्टी में अभी इसकी कोई घोषणा नहीं की है, पार्टी में कई बापू हैं। किसी ने सवाल पूछा था कि राज्‍य में अगली सरकार वरिष्‍ठ नेता शंकरसिंह वाघेला की बनने वाली है।

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