अहमदाबाद। गुजरात में लोग अब आईटीआई और पॉलीटेक्निक कालेज से लर्निंग लाइंसस बनवा सकेंगे। वाहन मालिको व ट्रांसपोर्ट वाहनों का टैक्स अब ऑनलाइन भरा जायेगा। राज्य सरकार ने प्रदेश के 16 चेकपोस्ट को हटाने का फैसला किया है। सरकार आरटीओं संबंधित सभी सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई है।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने गुरुवार को पत्रकारवार्ता में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सालों से आरटीओं में भ्रष्टाचार व अनियमितता की शिकायतें मिल रही थी। इस संबंध में करीब 10 बार मंत्रीमंडल की बैठक की गई। जिसमें विचार –विमर्ष के बाद तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिसमें राज्य के 16 चेकपोस्ट हटाने, आरटीओं की तमाम सेवाएं ऑनलाइन करने तथा अब अरटीओं में काम का बोझ कम करने के लिए आईटीआई व पॉलीटेक्निक में से लर्निंग लाइसेंस बनवाने का एतिहासिक फैसला शामिल है।

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि राज्य में हर साल 20 लाख से अधिक लर्निंग लाइसेंस निकाले जाते है। लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए कम्प्यूटर से परीक्षा ली जाती है। इस परीक्षा के लिए केवल कम्प्यूटर की आवश्यकता है। लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को आरटीओं के चक्कर लगाने के पड़ते है। इसलिए राज्य के तमाम 221 आईटीआई और 29 पॉलीटेक्निक कालेज से लर्निंग लाइसेंस निकलवायें जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए 10 दिन का ट्रायल किया गया था। इस दौरान 13 हजार लोगों ने अर्जी की थी। जिसमें सात हजार लोगों को लर्निंग लाइसेंस मिला। इस व्यवस्था के कारण 15 नवम्बर से लोग आईटीआई और पॉलीटेक्निक से लर्निंग लाइसंस बनवा सकेंगे। राज्य के 20 लाख लोगों को फायदा होगा। आरटीओं सबंधित सभी सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के तमाम 16 चेकपोस्ट 20 नवम्बर से हटा कर फ्लाइंग स्कवोड बनाया जायेगा। इस टीम काम करने वाले आरटीओ इस्पेक्टर को दंड वसुलने के लिए इ-डिवाइस दिया जायेगा। दंड की राशि केवल मशीन से ही ली जा सकेगी। वाहन मालिकों को वाहन टेक्स parivahan.gov.in पर ऑनलाइन भरना पड़ेगा।

इसके लिए कोई लेन-देन कैश में नहीं होगा। सरकार ने फिलहाल 350 हेन्ड डिवाइस खरीदा है। इसके अलावा पेट्रोलिंग के लिए नये 32 इन्टरसेप्टर वाहनों की खरीदी की जायेगी। चेकपोस्ट हटाने के पहले ट्रक मालिकों और ट्रक एसोसिएशन के साथ बैठक की गई थी। सरकार ने बैठक में ट्रक मालिकों को आनलाइन दंड सहित की सुविधाओं के बारे में जरुरी जानकारी दी थी।

Posted By: Ajay Barve