जामनगर। प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात में पहली बार जनसभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि टुकड़े फेंकने से चुनाव तो जीते जा सकते हैं पर देश नहीं चलाया जा सकता। "नर्मदा नहर सौनी योजना" के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा कि 12 हजार करोड़ रुपये की यह योजना किसानों के लिए सोना पकाने वाली साबित होगी।

पटेल समुदाय के गढ़ जामनगर में मोदी ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए उनकी सरकार "टुकड़े फेंकने" में विश्वास नहीं करती। उन्होंने कहा कि हमने इस परियोजना के लिए 15 साल तक कठिन परिश्रम किया है ताकि विकास और बदलाव लाया जा सके। कांग्रेस ने इस समय सौनी योजना के प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटन को मतदाताओं को लुभाने का प्रयास बताया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को पानी की कीमत समझनी चाहिए। देश अगर सौनी योजना की गंभीरता को समझे तो गौरवपूर्ण घटना होगी। मोदी ने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके तीन साल तो किसानों को यह समझाने में बीत गए कि उनके लिए बिजली नहीं पानी महत्वपूर्ण है। गुजरात में जो सीखा उससे आज देश चलाने में मदद मिल रही है। गुजरात ने जल संरक्षण और एलईडी के जरिये लोगों का जीवन बदल दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सौराष्ट्र में पेयजल और सिंचाई का संकट था। कच्छ में धूल के सिवा कुछ नजर नहीं आता था, आज कच्छ से 17 हजार टन केसर आम का निर्यात हो रहा है। सीमा की रक्षा करने वाले जवानों को पीने का पानी ऊंटों पर लाना पड़ता था, आज पाइपलाइन से उन्हें सीमा तक नहाने का पानी मिल रहा है।

मोदी ने कहा कि सौराष्ट्र कच्छ ऊंचाई पर होने के कारण यहां पानी पहुंचाना कठिन था, लेकिन सरकार के संकल्प से आज मां नर्मदा गांव- गांव और घर-घर पहुंच गई हैं। मोदी ने केंद्र की उज्जवला योजना, एलईडी बल्ब, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आदि का जिक्र किया, वहीं यूरिया व गैस कनेक्शन के मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।

मोदी ने कहा कि संप्रग सरकार में यूरिया कालाबाजारी में चल जाता था। लेकिन उनकी सरकार ने 20 लाख टन उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ यूरिया की नीम कोटिंग शुरू की ताकि कोई भी कारखाना किसान के यूरिया का इस्तेमाल न कर सके। गैस कनेक्शन के लिए पहले लोगों को सांसद के घर के चक्कर लगाने में चप्पलें घिसनी पड़ती थीं। उन्होंने बताया कि उज्जवला योजना के तहत उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 45 प्रतिशत दलितों को मुफ्त गैस सुविधा दी गई है।

केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने भी कांग्रेस पर शब्दबाण चलाते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में मोदी को 51 घंटे उपवास पर बैठना पड़ा था। संप्रग सरकार में शौचालय निर्माण में भी पैसा खा गए थे। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि कांग्रेस राज में नर्मदा का पानी समुद्र में बह जाता था, लेकिन मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में जो सपना देखा, भगीरथ बनकर उसे पूरा कर दिया।

"आप" को आड़े हाथ लेते हुए रुपाणी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में नर्मदा विरोधी मेघा पाटकर को चुनाव लड़ाकर अब यह पार्टी गुजरात हित की बात करने लगी है। उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि कांग्रेस नर्मदा बांध के विकास में बाधक बनी, जबकि मोदी ने दूरदृष्टि रखते हुए नर्मदा नीर की एक-एक बूंद का राज्य हित में उपयोग किया।


डेम पर कार से जाना पड़ा

प्रधानमंत्री वायुसेना के विशेष विमान से जामनगर पहुंचे, लेकिन मौसम खराब होने के कारण आजी-3 डेम पर उन्हें हेलीकॉप्टर की बजाये कार से ही जाना पड़ा। सरासणा सभास्थल पर लोगों ने मोबाइल की टॉर्च से मां नर्मदा और मोदी का स्वागत किया।


नर्मदा के पानी से भरेंगे 115 बांध

सौनी योजना के जरिये नर्मदा नहर से शाखा कैनाल के जरिये सरदार सरोवर बांध के अतिरिक्त पानी से सौराष्ट्र के 115 बांधों को भरा जाएगा। प्रथम चरण में 10 बांध भरे जाएंगे। मानसून के दौरान यह पानी समुद्र में बहकर बर्बाद हो जाता है। जामनगर के गांव सरासणा में आजी-3 डैम साइट से चार दरवाजों को रिमोट से खोलकर प्रधानमंत्री मोदी ने इसका उद्घाटन किया। 5,000 गांवों को इससे पेजयल उपलब्ध होगा और करीब 10 लाख एकड़ भूमि की सिंचाई हो सकेगी।


अब बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ बेटी खिलाओ

प्रधानमंत्री एक बार फिर रियो ओलंपिक में सिंधू, साक्षी और दीपा त्रिदेवियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि रियो में बेटियों ने ही देश की लाज रखी इसलिए बेटे-बेटी में अंतर मत करो। प्रधानमंत्री ने कहा, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी खिलाओ।"


मंदी से उबरे, विकास की चर्चा

मोदी ने कहा कि आज देश और दुनिया में भारत के विकास की चर्चा है। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिकी एजेंसियां, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी, वर्ल्ड बैंक सब मान रहे हैं कि भारत ने विकास की गति पकड़ ली है।


अब शिकायत नहीं रहेगी

मोदी ने कहा कि दिल्ली में कामकाज समझने में ही दो-तीन साल लग गए। पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन व कार्यकर्ता शिकायत करते थे कि गुजरात नहीं आते, लेकिन अब शिकायत का मौका नहीं दूंगा।

पीएम के दौरे का विरोध

वहीं दूसरी ओर पाटीदार अनामत आंदोलन समिति ने धमकी दी है कि यदि उसके सदस्यों को अपनी मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री को सौंपने की अनुमति नहीं दी गई तो वह आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गुजरात यात्रा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। समिति अपने ज्ञापन के जरिये कई मांगें उठाना चाहता है जिसमें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में ओबीसी कोटा के तहत पाटीदार समुदाय को आरक्षण देने की प्रमुख मांग शामिल है।

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