अहमदाबाद। लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी चुनावी रैलियों और सभाओं में भाषणों के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मोदी सरनेम को लेकर दिए गए बयानों के बाद उन पर दायर मानहानि मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। राहुल गांधी इस सुनवाई के लिए सूरत की कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने सिरे से खुद पर लगे आरोपों को नकार दिया जिसके बाद अब कोर्ट में ट्रायर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, राहुल गांधी ने कोर्ट में बार-बार पेश ना होने के लिए हाजिरी माफी की अर्जी भी लगाई है जिस पर आगामी 10 दिसंबर को सुनवाई होगी।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी सुबह सवा दस बजे सूरत के जिला सत्र न्‍यायालय परिसर में पहुंचे, करीब पौने बारह बजे कोर्ट की कार्यवाही शुरू हुई। जज ने राहुल से उनके नाम, उम्र व पते की तस्‍दीक की उसके बाद आरोप सुनाते हुए पूछा की क्‍या उन्हें आरोप कबूल हैं? इस पर राहुल ने कहा, उन्‍होंने कोई गुनाह नहीं किया इसलिए आरोप स्‍वीकार नहीं है।

राहुल गांधी की तरफ से इस मामले में हाजिरी माफी की भी अर्जी दी गई। भारतीय दंड संहिता की धारा 499 व 500 के तहत राहुल के खिलाफ मुकदमा दाखिल हुआ तथा प्राथमिक सबूतों की जांच के बाद कोर्ट ने राहुल को 10 अक्‍टूबर को कोर्ट में उपस्थित होने का समन भेजा था। कांग्रेस के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता शक्तिसिंह गोहिल ने बताया कि राहुल ने सभी आरोप नकार दिए इसलिए अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।

बता दें कि लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी द्वारा मोदी सरनेम को लिए दिए गए बयानों से भड़के भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने सूरत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। अपनी शिकायत में उसने बताया कि 13 अप्रेल 2019 को कर्नाटक के बैंगलोर में राहुल ने चुनावी रैली में ललित मोदी, नीरव मोदी आि के नामों का उल्‍लेख करते हुए कहा था कि सभी मोदी चोर हैं, राहुल के इस बयान से व्‍यक्तिगत रुप से वे तथा समाज के लाखों लोगों की भावना को ठेस पहुंची है।

मोदी ने बताया कि राहुल जी की हाजिरी माफी की अर्जी का उनके वकीलों ने विरोध किया जिसके बाद सुनवाई की तारीख तय की गई। इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने कोर्ट परिसर में ही राहुल गांधी को याचिकाकर्ता पूर्णेश मोदी व उनके वकीलों से भी मिलवाया।