अहमदाबाद/लखनऊ। कानूनी शिकंजे में फंसा कथावाचक आसाराम बापू अपनी रिहाई और शाहजहांपुर की दुष्कर्म पीड़िता को खत्म करने के लिए अब तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहा है। इसके सहारे आसाराम ने न केवल पीड़ित परिवार को डिगाने की कोशिश की, बल्कि रुपये भी बहा रहा है।

आसाराम की इस नई रणनीति का खुलासा किया है दुष्कर्म कांड के सरकारी गवाह और कभी आसाराम के निजी सचिव रहे राहुल सचान तथा सेवादार दिल्ली के देवेंद्र प्रजापति ने। राहुल ने बताया कि हाल ही में वह अहमदाबाद व सूरत में गवाही के लिए गए थे। इस दौरान उन्हें पता चला कि आसाराम शाहजहांपुर की पीड़ित छात्र को खत्म करने के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहा है।

आसाराम ने दर्जन भर तांत्रिकों को दो करोड़ का ठेका दिया है। इन अघोरी तांत्रिकों को अहमदाबाद बुलाकर उन्हें पीड़िता को क्षति पहुंचाने की पेशगी दी गई है। इस कवायद का मकसद पीड़ित लड़की और पिता के हौसले को डिगाना भी है।

राहुल आठ वर्ष तक आसाराम के निजी सचिव और पीए थे। राहुल ने इस दौरान आसाराम के दुष्कर्म जैसे घिनौने कृत्य देखे। इसके बाद राहुल ने आसाराम का साथ छोड़ दिया। इसी कारण राहुल को पुलिस ने जोधपुर, सूरत व अहमदाबाद के मामलों में सरकारी गवाह बनाया है।

वशीकरण टोपी पहने है आसाराम

दिल्ली के देवेंद्र प्रजापति और कानपुर के राहुल सचान की मानें तो आसाराम व नारायण साई की लाल टोपी के भी खास मायने हैं। उन्होंने बताया पिता व पुत्र ने लाल रंग की जो टोपी पहनी है, वह सवा लाख मंत्रों से अभिमंत्रित है। टोपी के जरिए ही आसाराम पुलिस अधिकारी, गवाहों तथा न्यायिक अधिकारियों पर सम्मोहन के प्रयास में रहते हैं। देवेंद्र का कहना है कि फरारी के दौरान नारायण साई ने भी पिता की तरह लाल रंग की टोपी व पगड़ी पहनी। गिरफ्तारी के समय नारायण के सिर पर लाल रंग की पगड़ी थी।

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