अहमदाबाद। गुजरात दंगों के बाद प्रदेश के युवकों को धर्म के नाम पर भड़काकर हिंसा कराने व हिंदू नेताओं की हत्‍या कराने की साजिश करने वाला आतंकी सोमवार को पकड़ा गया। 16 साल से फरार आतंकी अब्‍दुल वहाब शेख अहमदाबाद में अपनी दूसरी पत्‍नी व बच्‍चों से मिलने आया था।

आतंकवाद निरोधक दस्‍ते एटीएस व अपराध शाखा ने एक संयुक्‍त ऑपरेशन में मुखबिर से मिली सूचना के बाद अहमदबाद के सरदार पटेल एयरपोर्ट पर जाल बिछाया गया। अब्‍दुल वहाब ज्‍यों ही अहमदाबाद पहुंचा उसकी धरपकड कर ली।

गुजरात में 2002 में साबरमती एक्‍सप्रेस में 58 कारसेवकों को जिंदा जलाने के बाद बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा भडक गई थी। ग्रह राज्‍यमंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने पुलिस को इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि इस आतंकी की गिरफ्तारी से पता चल सकेगा कि गुजरात में कहां कहां उसने आतंकी संगठन के लिए स्‍लीपर सेल तैयार किए।

सहायक पुलिस आयुक्‍त भगीरथ सिंह गोहिल ने बताया कि गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए ही अब्‍दुल वहाब शेख ने पाकिस्‍तानी आतंकी संगठन लश्‍कर ए तैयबा, जैश ए मौहम्‍मद तथा आईएसआई की मदद से गुजरात में हिंसा फैलाने व हिंदू नेताओं की हत्‍या कराने की साजिश रची थी।

2003 में गुजरात पुलिस ने इस साजिश का खुलासा कर 84 लोगों को नामजद किया। इनमें से 70 को पकड़ा जा चुका लेकिन वहाब सहित 12 लोग विदेश भाग गए थे। अब्‍दुल वहाब ने सऊदी अरब में कुख्‍यात डॉन दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील, रसूल पार्टी के साथ बैठकें कर इसकी साजिश रची तथा गुजरात में अवैध रूप से चल रहे मनी ट्रांसफर नेटवर्क आंगडिया के जरिए 3 बार राज्‍य के कुछ शहरों में युवकों को रुपए भेजे।

अब्‍दुल वहाब की दूसरी पत्‍नी गत दिनों ही बच्‍चों के साथ अहमदाबाद आई थी। इनसे मिलने के लिए ही वह यहां आया था लेकिन मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।

Posted By: Arvind Dubey