अहमदाबाद। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के खिलाफ तीन सप्‍ताह में तीसरा गैरजमानतीय गिरफ़तारी वारंट जारी किया गया है। अदालती प्रक्रिया में मदद नहीं करने तथा पेशी पर हाजिर रहने की शर्त पर जमानत पर छूटने के बावजूद हार्दिक शुक्रवार को अहमदाबाद सत्र न्‍यायालय में उपस्थित नहीं हुए।

सत्र न्‍यायालय के अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायाधीश बी जी गणात्रा ने हार्दिक के वकील की कोई भी बात मानने से इनकार करते हुए हार्दिक के खिलाफ दूसरी बार गैरजमानतीय वारंट जारी कर दिया। हार्दिक के खिलाफ मोरबी की टंकारा कोर्ट ने भी गैरजमानतीय वारंट जारी कर रखा है। इससे पहले न्‍यायाधीश गणात्रा की ओर से जारी वारंट के चलते ही हार्दिक को 18 जनवरी को गिरफ़तार कर ि‍लया गया था। न्‍यायाधीश गणात्रा ने 22 जनवरी को हार्दिक को इसी शर्त पर जमानत पर बरी किया था ि‍क वे अदालत की कार्यवाही में मदद करेंगे तथा पेशी के दौरान हाजिर रहेंगे। शुक्रवार को उनके वकील ने कहा कि हार्दिक की ओर से दायर अंतरिम जमानत की अर्जी लंबित है इसलिए वे कोर्अ में हाजिर होने में असमर्थ है। जज ने वकील की कोई भी दलील मानने से इनकार करते हुए एक बार पिफर हार्दिक के ि‍खलाफ गिरफ़तारी वारंट जारी कर दिया। हार्दिक के खिलाफ 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान राज्‍यभर में कई मुकदमे दर्ज हुए थे। विसनगर में भाजपा विधायक के कार्यालय में तोडफोड व आगजनी के मामले में उन्‍हें 3 साल तक की सजा भी सुनाई जा चुकी है। हार्दिक पर अहमदाबाद व सूरत में राजद्रोह के मामलों सहित करीब दो दर्जन मामले दर्ज हैं।

Posted By: Navodit Saktawat