वडोदरा। ईरान में एक निजी इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा कथित तौर पर बंधक बनाए गए दोनों भारतीय नागरिकों को रिहा कर दिया गया है। गत वर्ष दिसंबर में इन दोनों का पासपोर्ट कंपनी ने जब्त कर लिया था।

गुजरात के वडोदरा निवासी संकेत पांड्या (36) और हरियाणा निवासी मुहम्मद हुसैन खान भारतीय मूल की एक निजी कंपनी में काम करते थे। कुछ विवाद होने पर कंपनी ने कथित तौर पर दोनों का पासपोर्ट गत 17 दिसंबर को जब्त कर उन्हें ईरान के जंजान शहर के एक गेस्ट हाउस में बंधक बनाकर रखा गया। संकेत को कंपनी के अधिकारियों और परिवार से फोन पर बात करने की इजाजत दी गई थी।

संकेत की पत्नी प्रीति पांड्या ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर दोनों की रिहाई की गुहार लगाई थी। प्रीति ने केंद्र सरकार से भी इस बाबत संपर्क साधा। इसके बाद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास हरकत में आया और शनिवार को दोनों को सुरक्षित तेहरान लाया गया। प्रीति ने बताया कि रविवार देर रात को संकेत ने उन्हें फोन कर दोनों की रिहाई की जानकारी दी। प्रीति ने संकेत और खान दोनों से बात भी की।

भारतीय दूतावास की सुरक्षा में इन दोनों को तेहरान के एक होटल में रखा गया है। जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद संकेत और खान भारत के लिए रवाना होंगे। संकेत के परिवार वालों ने पूर्व में उनकी रिहाई के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय से भी गुहार लगाई थी।

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