अहमदाबाद। गुजरात में मानसून की 80 फीसदी बारिश हो चुकी है लेकिन बादल हैं कि बरसे जा रहे हैं। इस बार राजकोट में बादलों ने तांडव मचाया है। पिछले 30 घंटे से लगाता बरस रहे पानी की वजह से अब तक यहां 18 इंच बारिश होने से कई इलाके जलमग्‍न हो गए हैं।

कईं इलाकों में हालात बिगड़े हुए हैं और इसके बाद राहत, बचाव कार्य के लिए सेना की टुकड़ियां भेजी गई है। वर्षाजनित हादसों में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। भारी वर्षा की चेतावनी के चलते राज्‍य हाई अलर्ट पर है।

राज्‍य का आपदा प्रबंधन तंत्र समूचे गुजरात में बारिश के हालात की निगरानी कर रहा है, नदियों के बहाव वाले इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्‍थलों पर पहुंचाने के काम को प्राथमिकता से किया जा रहा है। ध्रांगध्रा व जामनगर में बाढ के पानी में फंसे लोगों को हेलीकॉप्‍टर से एयरलिफ्ट किया गया। सरदार सरोवर व उकाई सहित राज्‍य के 17 बांध पूरी तरह लबालब हो चुके हैं और ओवरफ्लो हो गए जबकि अहमदाबाद के नवरंगपुरा का स्‍टेडियम बरसाती पानी से भरकर तरणताल बन चुका है।

बीते चौबीस घंटे में 6 इंच वर्षा ने अहमदाबाद के कई इलाकों को पानीपानी कर दिया। वासणा, पालडी, वेजलपुर, जीवराज पार्क, वस्‍त्रापुर आदि इलाकों में घरों में पानी घुस गया।

मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने बताया कि गत वर्ष बांधों में 56 फीसदी पानी जमा हुआ जबकि इस बार अभी तक 60 फीसदी पानी भर चुका है, राज्‍य की 15 तहसील में दस इंच से अधिक जबकि शेष 236 तहसीलों में भी अच्‍छी वर्षा दर्जकी गई है। राज्‍य में अब कोई जिला पानी की कमी से नहीं जूझ रहा है। नर्मदा, विश्वामित्री,तापी, साबरमती के बेसिन वाले शहर व कस्‍बों में आपदा प्रबंधन विशेष निगरानी कर रहा है।

रुपाणी ने बताया कि अहमदाबाद में मकान धराशाही होने से 4 व नडियाद में हाउसिंग बोर्ड की सालों पुरानी एक बिल्डिंग गिर जाने से 4 लोग दबकर मर गए। इसके अलावा तीन अन्‍य शहरों में एकएक के मौत की खबर है। सौराष्‍ट्र व कच्‍छ में आगामी 24 घंटे में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। राजकोट, अहमदाबाद के अलावा जामनगर, मोरबी, सुरेंद्रनगर, बोटाद आदि जिलों में भी राहत एवं बचाव कार्य तेज किए गए हैं।