सूरत, ब्यूरो। बलात्कार के मामले में भागते फिर रहे नारायण साई और उनके तीन साधकों के खिलाफ अदालत का शिकंजा कसता जा रहा है। सूरत पुलिस द्वारा सीआरपीसी की धारा 70 के तहत अदालत से चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मांगी गई मंजूरी को न्यायलय ने मंजूर कर लिया है। अदालत ने मंगलवार को नारायण साईं सहित चार के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

सूरत जिला न्यायलय ने नारायण साईं उर्फ़ बड़े भगवान सहित साधक हनुमान उर्फ कौशल ठाकुर, गंगा उर्फ़ धर्मिष्ठा और जमुना उर्फ भावना को गिरफ्तार करने के लिए सूरत पुलिस की ओर से सूरत जिला न्यायालय में सीआरपीसी की धारा 70 के तहत अदालत से मंजूरी मांगी थी। इसपर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए चारों के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि सूरत रेप कांड कि पीड़िता ने नारायण साईं सहित उनके तीन साधकों हनुमान, गंगा और जमुना पर भी सहयोग और धमकाने का आरोप लगाया था।

आदेश को चुनौती देंगे

बचाव पक्ष उधर, बचाव पक्ष के वकील कल्पेश देसाई और गौतम देसाई ने कोर्ट द्वारा अरेस्ट वारंट की मंजूरी को ऊपरी अदालत में चैलेंज करने कि बात कही है। जबकि मंगलवार को सूरत न्यायलय से जारी वारंट के बाद भी नारायण साई अगर गिरफ्तार नहीं होता है, तो सूरत पुलिस उसे भगोड़ा घोषित करने की मांग करेगी और इसके बाद नारायण साईं की संपत्ति जप्त कर कुर्की की जाएगी। हालांकि सवाल है कि नारायण साईं की संपत्ति की कुर्की होगी या वह गिरफ्तार होगा या फिर वह आत्मसमर्पण करेगा।

अग्रिम जमानत पर सुनवाई फिर टली !

इससे पहले आज अदालत में नारायण साईं की अग्रिम जमानत याचिका पर पुरे दिन सुनवाई चली और अगली सुनवाई के लिए मामला बुधवार तक के लिए टाल दिया गया। बचाव पक्ष ने इस बीच दो महिलाओं का शपथनामा अदालत में पेश किया, जिसके माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया कि पीड़िता और उसका परिवार पीड़िता के आश्रम छोड़ देने के बाद भी एक साल पहले तक नारायण साईं के संपर्क में था। बचाव पक्ष कि दलील सुनने के बाद सरकारी पक्ष कि दलील सुनने के लिए बुधवार तक के लिए सुनवाई तय की गई बुधवार को सरकारी पक्ष अपनी दलील पेश करेगा ।

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