अहमदाबाद। मंदी से जूझ रहे रियल एस्‍टेट को केंद्र ने बम्‍पर 10 हजार करोड का तोहफा दिया भी तो गुजरात ने भी एफएसआई में छूट देकर 50 मंजिला तक बिल्डिंग बनाने की छूट दे दी है। अमरीका व चाइना के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के बीच गुजरात दोनों ही राज्‍यों के उद्यमियों के लिए पलक पांवडे बिछा रहा है।

मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने बताया कि देश के अर्थ तंत्र को गति देने के लिए केंद्र सरकार कई कदम उठा रही है। केंद्रीय वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही कॉरपोरेट के लिए टेक्‍स में छूट की घोषणा की साथ ही लघु व मध्‍यम दर्जे के उद्योगों को भी बढावा देने के लिए बैंक व अन्‍य संस्‍थाओं को अपनी नीति व नियमों में बदलाव के निर्देश दिए हैं। रुपाणी ने कहा कि केंद्र के इस कदम से गुजरात सहित देश के हाउसिंग, मेन्‍युफेक्‍चरिंग, एक्‍सपोर्ट, विदेशी निवेश, के‍ि पटल मार्केट, लघु व मध्‍यम उद्योगों को गति मिलेगी। गुजरात सरकार ने भी विविध क्षेतों को राहत देकर आर्थिक विकास को गति देने का फैसला किया है।

रुपाणी का मानना है कि वाईब्रेंट गुजरात के चलते पहले से राज्‍य में बिजनेस फ्रेंडली माहौल है, देश व दुनिया की नामी कंपनियों ने गुजरात सरकार के साथ एमओयू कर रखे हैं। तेजी से शुरु करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। रुपाणी का मानना है कि अमरीका व चाइना के बीच चल रहे ट्रेड वॉर के चलते गुजरात के मेन्‍युफेक्‍चरिंग व सर्विस सेक्‍टर को खासा लाभ होगा।

केंद्र सरकार की ओर से मिले तोहफे के बाद रियल एस्‍टेट उद्योग में तेजी लाने के लिए राज्‍य सरकार ने भी फ्लोर स्‍पेस इंडेक्‍स की शर्तों में छूट दी है। मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि सरकार गरीब व मध्‍यम वर्ग परिवारों को उनकी खरीद क्षमता के अनुसार आवासीय फ्लैट उपलब्‍ध कराना चाहती है। सरकार ने बिल्‍डर्स को अब राज्‍य में 50-50 मंजिला इमारतें बनाने की छूट दी है साथ ही एफएसआई की शर्तोंको भी सरल किया गया है ताकि रियल एस्‍टेट के प्रोजेक्‍ट शुरू हो सकें।

Posted By: Navodit Saktawat