सूरत (ब्यूरो)। नौ महीने तक कई अस्पतालों में चले इलाज के बावजूद एक महिला के सिर में लगी गोली को निकाला नहीं जा सका। अब उसे सिर में गोली लेकर ही जिंदगी जीनी पड़ेगी।

सूरत के वेसु इलाके में रहने वाली पूजा संचेती नाम की इस महिला को गणेश चतुर्थी के दिन अचानक गोली लग गई थी। देश-विदेश में बड़े और जटिल अस्पताल होने का दावा करने वाली खबरे आती रहती हैं। मगर सूरत से लेकर मुंबई तक कई बड़े-बड़े अस्पतालों के चक्कर काटने के बावजूद डॉक्टर जब गोली निकालने में असफल रहे तो पूजा को ऐसे ही जीने की सलाह दी गई।

शहर के मूनलाइट अपार्टमेंट में रहने वाले ललितभाई संचेती की पत्नी पूजा नौ महीने गणेश चतुर्थी के दिन पहले बालकनी पर खड़ी थीं। उसी वक्त अचानक एक गोली उनके गले को चीरते हुए उनके सिर में घुस गई। डॉक्टरों ने बताया कि गोली दिमाग में फंस गई है।

पता चला कि उसी अपार्टमेंट में रहने वाले कपड़ा व्यवसायी हरबंसलाल की लायसेंसी बंदूक से गलती से गोली चल गई थी। इसके लिए हरबंसलाल को गिरफ्तार किया गया। वह कुछ दिनों बाद जमानत पर रिहा भी हो गए।

नौ महीने बाद मुंबई से इलाज कराकर सूरत लौटे ललितभाई कहते हैं कि गोली गलती से चल गई थी। पूजा अब बोलने व चलने लगी हैं। उनका दर्द भी कम है। डॉक्टरों ने उन्हें तेज आवाज में न बोलने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार दिमाग से गोली निकालने में जान का खतरा है। इसलिए पूजा को ऐसे ही जीना होगा।

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