अहमदाबाद। देश में जहां गुजरात मॉडल की चर्चा की जाती है, वहीं गुजरात मॉडल की धज्जियां उड़ा देने वाली घटना भी सामने आई है। सूरत में सिक्योरिटी की नौकरी करने वाला युवक जब अपनी कमाई से परिवार पालने में नाकाम रहा तो अस्पताल पहुंचकर अपनी किडनी बेचने लगा।

जानकारी के अनुसार सूरत के नए सिविल अस्पताल पहुंच कर एक युवक ने डॉक्टर से अनुरोध किया कि उसे उसके परिवार के भरण पोषण के लिए रुपये भेजना है। इसलिए वह अपनी किडनी बेचना चाहता है। यह युवक बिहार के आरा जिले की बेल्लाउर गांव का मूल निवासी है, किन्तु गुजरात के सूरत शहर में गत सात वर्षों से नौकरी कर रहा है।

यहां पांडेसरा की डाईंग मिल में सिक्यूरिटी के पद्द पर नौकरी करने वाला 35 वर्षीय राजू विरेन्द्र सिंह मंगलवार सुबह सूरत की नई सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंच गया। उसने मेडिकल ऑफिसर से कहा कि उसकी आर्थिक स्थिति नाजुक है। वह अपनी किडनी की बिक्री पर अपने परिवार को पैसा भेजना चाहता है। इस बेबाक ऑफर से मेडिकल स्तब्ध रह गए। राजू सिंह ने कहा कि उसे परिवार के भरण पोषण में आर्थिक परेशानी आ रही है। वह बिहार का है। हर महीने रुपए भेजता है किन्तु वह बहुत कम पड़ता है।

ट्रोमा सेंटर के मेडिकल आफिसर उमेश चौधरी ने युवक से कहा कि किडनी बेची नहीं जा सकती। इसके लिए नियम-कानून है। मौत क बाद या फिर अपने निकतम सम्बंधी को दान दी जा सकती है। यह युवक सिक्यूरिटी में 9 हजार महीने वेतन पाता है। इसमें से पांच हजार रुपये अपने मादरे वतन भेजता है।

Posted By: Ajay Barve

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