अहमदाबाद। चीन से फैले कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में चिकित्सा उपकरणों, फेस मास्क और वेंटिलेटर्स आदि की बहुत कमी हो गई है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। मगर, समस्या यह थी कि कोरोना वायरस की वजह से बड़ी तादात में आ रहे मरीजों को लाखों रुपए में मिलने वाला वेंटिलेटर्स कैसे मुहैया कराया जाए, जो हर अस्पताल में बहुत सीमित संख्या में होते हैं। इसे देखते हुए गुजरात के राजकोट की एक कंपनी ने केवल 10 दिनों में कम लागत वाले वेंटिलेटर विकसित किए हैं। अहमदाबाद सिविल अस्पताल की मेडिकल लैब में इनका परीक्षण किया गया था और शुक्रवार रात को उन्हें इस्तेमाल के लिए स्वीकृत कर दिया गया।

अगले कुछ दिनों में इनमें से 1,000 मशीनों को गुजरात सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में पहुंचा दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर विकसित वेंटिलेटर का इस्तेमाल शनिवार से मरीजों के लिए किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि मशीन ठीक तरह से काम कर रही है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शनिवार को कहा कि पूरी दुनिया मूक दुश्मन कोरोना वायरस से लड़ रही है और वेंटिलेटर, एन 95 मास्क और पीपीई जैसे उपकरणों की कमी का सामना कर रही है।

जब हमारे पास कौशल और बड़े उद्योग हैं, तो गुजरात सरकार ने इसका उपयोग करने का फैसला किया। राजकोट एक इंजीनियरिंग हब के रूप में अपनी पहचान रखती है। राजकोट के लघु उद्योग नासा, इसरो, रेलवे के इंजीनियरिंग भागों की आपूर्ति करते हैं और रक्षा उत्पादन के लिए भी जरूरी सामानों को मुहैया कराते हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि राजकोट के एक उद्योगपति ने केवल 10 दिनों में वेंटिलेटर को बना लिया है। उन्होंने इसे डिजाइन किया, एक प्रोटोटाइप बनाया, उसके लिए जरूरी सामानों की खरीद की और सफलतापूर्वक वेंटिलेटर बना लिया। उनका परीक्षण हो चुका है और प्रमाणन पूरा हो चुका है। शनिवार से मरीजों पर इसका प्रयोग किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री और गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने कहा कि कंपनी, ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन लिमिटेड ने मशीन के लिए न केवल इंजीनियरिंग आवश्यकताओं को पूरा किया, बल्कि टेस्टिंग लैब में चिकित्सा जरूरतों को भी सफलतापूर्वक पूरा किया।

मुख्यमंत्री रूपानी ने इसमें विशेष रुचि ली और उद्योगों को आगे आने और इस वैश्विक खतरे से लड़ने में मदद करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने उद्योग के साथ नियमित रूप से फॉलो-अप किया और आश्वासन दिया कि स्वदेशी रूप से निर्मित वेंटिलेटर के लिए हर संभव मदद दी जाएगी। ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन लिमिटेड ने पहले एक हजार वेंटिलेटर्स सरकार को दान करने का फैसला किया है।

कंपनी के मालिक पराक्रमसिंह जडेजा ने कहा कि वेंटिलेटर की बाजार लागत 6.5 लाख रुपए है, लेकिन वे इसे एक लाख रुपए से कम लागत पर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम गुजरात सरकार को 1,000 वेंटिलेटर दान करेंगे। हमारी प्रति दिन 100 वेंटिलेटर बनाने की क्षमता है और तीन दिनों के बाद हम मांग के अनुसार क्षमता बढ़ा देंगे।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस