अहमदाबाद। दो युवतियों के अपहरण के आरोप में अहमदाबाद पुलिस ने बुधवार को नित्यानंद के आश्रम के दो प्रशासकों को गिरफ्तार किया था। उधर, इस मामले में विदेश मंत्रालय से पूछा गया कि क्या नित्यानंद भारत से बाहर भाग गया है और क्या और गुजरात पुलिस ने उसके प्रत्यर्पण के लिए संपर्क किया है। इस पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारे पास गुजरात पुलिस और गृह मंत्रालय की तरफ से उसकी कोई जानकारी नहीं है। इसके साथ ही प्रत्यर्पण के अनुरोध को करने के लिए हमें उस व्यक्ति की लोकेशन और नागरिकता के बारे में जानने की जरूरत होती है। हमारे पास उसके बारे में ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

इस बीच, दो युवतियों के गुम होने के मामले में विवादों में आए स्वयं-भू बाबा नित्‍यानंद के आश्रम की स्‍थापना में गुजरात के एक आईएएस का नाम चर्चा में आया है। गुजरात के मुख्‍यमंत्री रुपाणी ने इस संबंध में मुख्‍य सचिव को जवाब तलब किया है। आश्रम मामले की जांच पुलिस, शिक्षा विभाग के साथ ही तीन अलग अलग टीमें कर रही हैं। कांग्रेस के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता शक्तिसिंह गोहिल के ट्वीट के बाद राज्य सरकार हरकत में आई और नित्‍यानंद से संबंध रखने वाले व उसके आश्रम की स्‍थापना के लिए डीपीएस के साथ करार कराने में अहम भूमिका निभाने वाले आईएएस के बारे में रिपोर्ट मांगी है।

मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने खुद मुख्‍य सचिव डॉक्टर जेएन सिंह को तलब कर इस मामले की रिपोर्ट देने को कहा है। गोहिल ने ट्वीट में लिखा है कि नित्‍यानंद आश्रम मामले में अहमदाबाद पुलिस ने अच्‍छा काम किया, लेकिन दुख इस बात का है कि एक आईएएस नित्‍यानंद को बचाने में लगा है। यह आईएएस अधिकारी नित्‍यानंद का भक्‍त है, उसी की पहल पर आश्रम व डीपीएस स्‍कूल के बीच जमीन करार हुआ है। गुजरात के बच्‍चों की सुरक्षा की खातिर इस आईएएस का भंडाफोड़ करना चाहिए।

अहमदाबाद में आश्रम की स्‍थापना में अहम भूमिका निभाने वाले आईएएस ने वर्ष 2014 में नित्‍यानंद को 25 किलो सोने का दान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। गांधीनगर में आईएएस और आईपीएस लॉबी में ऐसी भी अटकलें है कि वडोदरा में इस आईएएस की नियुक्ति के दौरान एक अन्‍य धार्मिक संस्‍था के लिए उसने छह एकड़ जमीन की व्‍यवस्‍था कराई थी।

अहमदाबाद कलेक्‍टर डॉक्टर विक्रांत पांडे का कहना है कि सरकार के निर्देश पर पुलिस, शिक्षा विभाग, बाल अधिकार आयोग तीन अलग अलग टीमें इस मामले की जांच कर रही है। दो संचालिकाओं को गिरफ्तार कर उन्हें रिमांड पर भी लिया गया है। इस मामले में गुजरात सरकार के शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूडास्मा ने कहा कि डीपीएस स्‍कूल गुजरात बोर्ड से मान्यता प्राप्‍त नहीं है, इसकी मंजूरी सीबीएसई से मिली है। शिक्षा विभाग ने स्‍कूल प्रशासन को नोटिस देकर इस मामले में जवाब तलब किया गया है।

Posted By: Shashank Shekhar Bajpai