शत्रुघ्‍न शर्मा, अहमदाबाद। भारत के नागरिकता संशोधन कानून सीएए को लेकर लंबे समय तक देश विदेश में जमकर हंगामा हुआ लेकिन आज कोरोना के संकट में अहमदाबाद में बसे करीब एक हजार पाकिस्‍तानी हिंदू शरणार्थियों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। पहचान के नाम पर इनके पास आधार कार्ड है लेकिन प्रशासन केवल राशन कार्ड देखकर राशन व फूड पैकेट बांट रहा है।

अहमदाबाद के कुबेरनगर में बसे पाकिस्‍तान से आए हिंदू शरणार्थी कुछ सालों से निवास कर रहे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिकता संशोधन कानून पारित होने पर इनकी खुशी का ठिकाना नहीं था, लगा कि अब इनकी सभी तकलीफों का अंत आ गया। शरणार्थी अर्जुन डाफडा बताते हैं कि कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन से कुबेरनगर में रह रहे करीब डेढ सौ हिंदू शरणार्थी परिवारों के सामने रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं। दिहाडी मजदूरी व छोटा मोटा काम कर परिवार का गुजारा करने वाले परिवारों के पास पहचान के नाम पर आधार कार्ड है लेकिन जिला प्रशासन राशन व फूड पैकेट के लिए राशन कार्ड की मांग कर रहा है जो इन परिवारों के पास नहीं है।

सोशल मीडिया पर शरणार्थी परिवारों का एक संदेश सरकार व विपक्ष तक पहुंचाया जिसके बाद मुख्‍यमंत्री कार्यालय ने जिला कलकटर ऑपिफस को इन परिवारों को खाना व राशन पहुंचाने के निर्देश दिए गए। कांग्रेस नेता मनीष दोशी ने खुद मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी को टैग करते हुए ट्वीटर पर हिंदू शरणार्थी परिवारों की मदद की गुहार लगाई। शाम को साढे सात बजे जिला कलक्‍टर कार्यालय से तैयार खाना इन परिवारों तक पहुंचाया गया।

Posted By: Navodit Saktawat