कर्क (Cancer)

01 Jan 2021-31 Dec 2021

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि इस साल की शुरुआत कुछ खास अच्छी नहीं रहने वाली है। इसके साथ ही मकर राशि में सप्तम भाव में मौजूद शनि आपके चौथे घर को दृष्टि दे रहा होगा, जिसके कारण आपके पारिवारिक जीवन में सुख की कमी महसूस की जा सकती है। इसके अलावा इस दौरान आपको अपने परिवार से समर्थन या सहयोग भी प्राप्त करना थोड़ा मुश्किल होगा, जिससे आपके व्यक्तिगत जीवन में तनाव पैदा होने की प्रबल आशंका है। 06 अप्रैल को कुंभ राशि में बृहस्पति का गोचर पारिवारिक दृष्टिकोण से आपके लिए अनुकूल साबित होगा। इस दौरान आपके भाई खुश रहेंगे और सफलता हासिल करेंगे। आपके परिवार का माहौल खुशहाल और सुखद होगा। इसके अलावा इस दौरान आपके परिवार में कुछ नए सदस्यों के शामिल होने की भी प्रबल संभावना है। आपकी राशि में प्रेम और संबंध के घर के स्वामी मंगल का शुक्र और केतु पांचवें घर में दृष्टि दे रहा है, जो आपके प्रेम जीवन में बाधा लाने का कारण बन सकता है। जिसके परिणाम स्वरूप प्रेमी जातकों के बीच के संबंध थोड़े तनावपूर्ण हो सकते हैं। भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि साथ ही आप दोनों के बीच कुछ ग़लतफहमी भी पैदा हो सकती है। हालांकि वहीं दूसरी तरफ़ यह समय उन लोगों के लिए अच्छा होने वाला है जो अपने लिए पार्टनर की तलाश कर रहे हैं। मार्च के मध्य से प्रेमी जातकों के जीवन में कुछ समस्याएं खड़ी हो सकते हैं, लेकिन इसके बाद मार्च के मध्य से लेकर अप्रैल तक का समय आपके प्रेम जीवन के अनुकूल रहेगा।
पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए इस साल जनवरी और अगस्त के महीने सबसे ज्यादा अनुकूल रहने वाले हैं। इस दौरान आपको अपनी कड़ी मेहनत के अनुसार परिणाम प्राप्त होगा। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को सितंबर से नवंबर के बीच की अवधि की तुलना में अप्रैल के महीने में शुभ परिणाम हासिल होंगे। ऐसे में यदि आप वांछित परिणाम हासिल करना चाहते हैं तो, इस वर्ष अपनी कड़ी मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें जिससे आपको मनवांछित फल अवश्य ही प्राप्त होंगे। इस साल आपको मिश्रित परिणाम हासिल होंगे। चूंकि शनि सातवें और आठवें घर का स्वामी इस वर्ष आपकी राशि से सातवें घर में होगा और आप के नौवें और चौथे घर को दृष्टि दे रहा होगा। भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि ग्रहों की यह स्थिति आपके जीवन में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की वजह बन सकती हैं, इसलिए आपको विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य ग्रह का स्वामी चंद्रमा कर्क राशि में स्थित है जो कि कर्क राशि के उन जातकों के लिए काफी अच्छा साबित होगा जो किसी बीमारी से जूझ रहे हैं क्योंकि लंबे समय से किसी बीमारी से पीड़ित ऐसे जातकों की परेशानियों का अंत होगा। कर्क राशि के जातकों के लिए ये साल करियर की दृष्टि से अच्छे परिणामो को लेकर आएगा। क्योंकि जहाँ साल की शुरुआत में मंगल ग्रह कर्क राशि के नौकरीपेशा जातकों को अपने कार्यस्थल पर तरक्की दिलाएंगे, वहीँ दूसरी तरफ व्यापार करने वाले जातकों को शनि और बृहस्पति की सप्तम भाव में उपस्थिति अनुकूल परिणाम दिलाएगी। आर्थिक जीवन की बात करें तो साल की शुरुआत बेहतर साबित होगी, मार्च से मई के दौरान स्थितियाँ काफी बदल जाएँगी, इस समय आपको अधिक आर्थिक लाभ होने की संभावनाएं हैं। इस वर्ष कर्म के स्वामी मंगल आपके दसवें घर में स्थित रहेंगे। जिसके परिणामस्वरूप इस वर्ष आपको पदोन्नति मिलने की प्रबल संभावना है, जिससे आपके कार्यस्थल में प्रगति के काफी आसार हैं। भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि इसके अलावा इस समय के दौरान नौकरी की तलाश कर रहे लोग भी सफलता प्राप्त करेंगे, लेकिन इस वर्ष सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो सरकारी नौकरियों में हैं। इस पूरे साल भर शनि आपकी राशि से सप्तम भाव में रहेगा, जो आपके करियर के लिए फ़ायदेमंद साबित होने वाला है। आर्थिक पक्ष के लिहाज से कर्क राशि के जातकों के लिए यह साल अच्छा साबित होने वाला है क्योंकि आय और पारिवारिक जीवन के स्वामी सूर्य छठे भाव में बुध के साथ युति में मौजूद हैं, जो दर्शाता है कि आर्थिक लिहाज से आपके लिए यह समय बेहद ही शुभ रहने वाला है। भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि आपको इस वर्ष काफी मुनाफ़ा हासिल होगा। इसके अलावा आपके व्यवसाय में वृद्धि और विकास होने के भी प्रबल संभावना है। जैसा कि छठा घर दुश्मनों का भी घर कहा जाता है, इसलिए इस वर्ष आपके दुश्मन आपके हर काम में अड़चन पैदा करने की कोशिश करेंगे, लेकिन आपको अपने दुश्मनों पर जीत हासिल होगी।
ज्योतिष उपाय
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि रोज सुबह सूर्य को जल अर्पित करें। इस जल में थोड़ा सा गुड़ मिला लें। भगवान शिव को अक्षत अर्पित करें और शिवलिंग का अभिषेक करें।

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