
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बेहतर और आकर्षक शरीर की चाहत में युवा तेजी से जिम का रुख कर रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर फिटनेस का बढ़ता चलन भी इस रुझान को और तेज कर रहा है, लेकिन बिना समझ और बिना तैयारी के किया जाने वाला हैवी वर्कआउट कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। इंदौर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पूरी तरह स्वस्थ दिखने वाले युवा एक्सरसाइज के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। टीएमटी जांच के बाद ही हैवी वर्कआउट शुरू करना चाहिए।
विशेषज्ञों के मुताबिक कई बार शरीर के अंदर छिपी कुछ जन्मजात समस्याएं होती हैं, जिनका पता साधारण जीवनशैली में नहीं चलता, लेकिन जब कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा मेहनत वाला वर्कआउट करता है, तो यह छिपी हुई समस्या सक्रिय होकर दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल देती है। विशेषज्ञों के अनुसार एचओसीएम (हाइपरट्राफिक कार्डियोमायोपैथी) और दिल की दीवारों की मोटाई बढ़ने जैसी स्थितियां कम उम्र में भी पाई जाती हैं। कई लोगों को इसका पता भी नहीं होता। ऐसे में हैवी वेट लिफ्टिंग या हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज अचानक दिल की धड़कन रोक सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को हैवी वर्कआउट शुरू करने से पहले एक बार टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) जरूर करवाना चाहिए। इससे यह पता चल जाता है कि दिल पर पड़ने वाला तनाव शरीर सहन कर पाएगा या नहीं। कई बार 80 से 90 प्रतिशत तक ब्लाकेज मौजूद रहते हैं, लेकिन सामान्य गतिविधियों में उसका अहसास नहीं होता। ऐसे में अचानक किया गया भारी व्यायाम दिल पर दबाव बढ़ाकर हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों के परिवार में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग या अचानक मौत का इतिहास रहा है, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। इसके साथ ही धूमपान करने वालों में भी धमनियों में ब्लाकेज बनने की आशंका ज्यादा रहती है। वहीं ठंड के मौसम में दिल के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ठंड में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव बनता है। ऐसे में यदि कोई युवा बिना तैयारी के जिम में जाकर भारी वजन उठाता है, तो दिल की धड़कन अनियंत्रित हो सकती है।
खेलते समय या दौड़ते समय खिलाड़ियों का अचानक गिर जाना, खिलाड़ियों में होने वाली हार्ट रुकने की घटनाएं, कई बार इन्हीं कारणों से होती हैं। अचानक तेज स्पीड में दौड़ना, अत्यधिक वजन उठाना या शरीर की क्षमता को समझे बिना की गई एक्सरसाइज दिल पर अत्यधिक बोझ डाल देती है।
जिम करना सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन अपने शरीर की क्षमता को समझना बेहद जरूरी है। शुरुआत हल्की एक्सरसाइज से करें और धीरे-धीरे वजन बढ़ाएं। किसी भी तरह की असामान्य थकान, सीने में दर्द, चक्कर या सांस फूलने को कभी नजरअंदाज न करें। धूमपान से दूरी बनाकर रखें। - डॉ. मनीष पोरवाल, हृदय रोग विशेषज्ञ
हैवी वर्कआउट से पहले एक बार टीएमटी जांच करवा लेनी चाहिए। हृदय में ब्लाकेज भी रहते हैं तो सामान्य गतिविधि में पता नहीं चलता है। लेकिन जब हम भारी वजन उठाते हैं तो ब्लाकेज बढ़ जाता है। जिन लोगों के परिवार में पहले से बीमारी हो, उन्हें विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए। - डॉ. अलकेश जैन, हृदय रोग विशेषज्ञ