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Corona की वजह से एविएशन सेक्टर को भारी नुकसान, मई में 63% गिरी हवाई यात्रियों की संख्या

Updated: | Thu, 17 Jun 2021 10:43 PM (IST)

कोरोना महामारी ने अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों पर अपना बुरा असर डाला है, लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है एविएशन सेक्टर का। कोरोना की वजह से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स महीनों से बंद पड़ी हैं और जो चालू हैं, उनमें यात्रियों की संख्या काफी कम है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस संबंध में गुरुवार को आंकड़े जारी किये। आंकड़ों के मुताबिक कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण मई में 21.15 लाख यात्रियों ने घरेलू मार्गो पर हवाई यात्रा की। यह संख्या अप्रैल में 57.25 लाख यात्रियों के मुकाबले 63 प्रतिशत कम है। मार्च 2021 में 78.22 लाख लोगों ने देश के भीतर हवाई यात्रा की थी। यानी पिछले तीन महीनों में यात्रियों की संख्या लगातार घटती जा रही है।

डीजीसीए के मुताबिक़ मई में विमानन कंपनी इंडिगो में 11.69 लाख यात्रियों ने सफर किया जो घरेलू स्तर पर हवाई यात्रा करने वाले कुल यात्रियों का 55.3 प्रतिशत है। इसके अलावा 1.99 लाख मुसाफिरों ने स्पाइसजेट से यात्रा की जो कुल घरेलू हवाई उड़ानों का 9.4 प्रतिशत है। एयर इंडिया से 4.29 लाख, गो फर्स्ट (पहले गोएयर) से 1.38 लाख, विस्तारा से 97 हजार और एयर एशिया से 64 हजार यात्रियों ने मई में सफर किया।

छह बड़ी विमान सेवा कंपनियों का पैसेंजर लोड फैक्टर (PLF) यानी भरी सीटों का अनुपात मई में 39.3 से 64 प्रतिशत के बीच रहा। किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइस जेट का पीएलएफ मई में 64 प्रतिशत रह गया। इसके बाद गोएयर का 63.3 प्रतिशत, इंडिगो का 51.2 प्रतिशत, एयर एशिया इंडिया का 44.4 प्रतिशत, स्टार एयर का 41.2 प्रतिशत, विस्तार का 40.9 प्रतिशत और एयर इंडिया का 39.3 प्रतिशत रहा।

DGCA के अनुसार इंडिगो ने चार मेट्रो हवाईअड्डों - बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई में 98.7 प्रतिशत का सर्वश्रेष्ठ ऑन-टाइम प्रदर्शन किया। ऑन-टाइम प्रदर्शन मामले में विस्तरा 98.1 प्रतिशत पर दूसरे और एयर एशिया 97.4 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रही।

पिछले वर्ष दो महीने के कड़े लॉकडाउन के बाद 25 मई को घरेलू स्तर पर हवाई यात्रा को पचास प्रतिशत यात्रियों की अनुमति के साथ खोल दिया था। लेकिन कोरोना महामारी और राज्यों में चल रहे लॉकडाउन की वजह से कई कंपनियां 50 फीसदी यात्री भी नहीं जुटा पाईं।

Posted By: Shailendra Kumar
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