IMF ने घटाया भारत के आर्थिक विकास का अनुमान, साल 2021-22 के लिए 9.5 फीसदी ग्रोथ की जताई संभावना

Updated: | Tue, 27 Jul 2021 09:25 PM (IST)

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने मंगलवार को भारत के आर्थिक विकास की दर के अनुमान को घटाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया। ये अनुमान वित्त वर्ष 2021-22 के लिये है। आपको बता दें कि अप्रैल में चालू वित्त वर्ष के लिये जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर के 12.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। वैश्विक संस्थान ने देश में कोविड-19 महामारी की दूसरी गंभीर लहर की वजह से अर्थव्यवस्था की गति पर पड़े बुरे असर को असर को देखते हुए यह कदम उठाया है। वैसे IMF ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिये आर्थिक वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रहने की संभावना जताई है, जो अप्रैल के 6.9 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान से ज्यादा है। यानी अगले साल आर्थिक विकास में तेजी आ सकती है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने रिपोर्ट के साथ जारी अपने पोस्ट में लिखा कि वर्ष 2021 के लिये हमारा ताजा वैश्विक वृद्धि अनुमान, पिछले परिदृश्य के समान है। लेकिन संरचना में बदलाव है। उन्होंने ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए कहा कि इस साल मार्च-मई के दौरान भारत में कोविड महामारी की दूसरी लहर की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक वृद्धि की संभावना को कम किया गया है। इसकी वजह से सुधार की गति भी धीमी पड़ने की आशंका है। वैसे भारतीय अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे तीव्र गिरावट के दौर से बाहर निकल रही है और 31 मार्च, 2021 को समाप्त वित्त वर्ष में इसमें 7.3 प्रतिशत की गिरावट आयी।

वैसे IMF के अलावा कई अन्य वैश्विक और घरेलू एजेंसियों ने चालू वित्त वर्ष के लिये आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाया है। पिछले महीने एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत और 2022-23 में 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। वहीं विश्वबैंक ने चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत जबकि एशियाई विकास बैंक (ADB) ने पिछले महीने इसे 11 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया था।

Posted By: Shailendra Kumar