Ambikapur News: निलंबित प्राचार्य के समर्थन में आए विधायक बृहस्पत

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 11:07 AM (IST)

अंबिकापुरAmbikapur News:। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामानुजगंज के निलंबित प्राचार्य डॉक्टर बीआर सोनवानी के समर्थन में क्षेत्रीय विधायक और सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बृहस्पत सिंह खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने प्राचार्य के निलंबन को गलत ठहराते हुए सरकार के एक मंत्री के दबाव में निलंबित कराए जाने का आरोप लगाया है।

उधर कालेज प्रबंधन ने 11 विद्यार्थियों को तीन वर्षों के लिए अमर्यादित आचरण के आरोप पर कालेज से निष्कासित कर दिया है। शासकीय लरंग साय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामानुजगंज के प्राचार्य डा बीआर सोनवानी को पिछले दिनों उच्च शिक्षा आयुक्त ने निलंबित कर दिया था। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अमर्यादित आचरण किया।

आरक्षित वर्ग का होने का लाभ उठाकर स्टाफ व विद्यार्थियों पर कार्यवाही का भय दिखाया। प्राचार्य को निलंबित कर दिए जाने के अगले दिन ही उनके समर्थन में कालेज के सैकड़ों विद्यार्थी भी सामने आ गए थे। सभी ने मुख्य प्रवेश द्वार के समक्ष धरना देकर राज्य सरकार की कार्यवाही का खुलकर विरोध किया था। विद्यार्थियों का कहना था कि प्राचार्य लगातार महाविद्यालय की स्थिति में सुधार के लिए प्रयासरत हैं। कालेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है और शिक्षा में भी लगातार सुधार हुआ है। कालेज प्राचार्य का निलंबन अभी तक समाप्त नहीं हुआ है। निलंबन आदेश जारी होने के बाद से ही रामानुजगंज कालेज में पढ़ाई बाधित है। अब इस मामले में क्षेत्रीय विधायक बृहस्पत सिंह भी सामने आए हैं।

उनका बयान कालेज के प्राचार्य के समर्थन में सामने आया है।विधायक बृहस्पत सिंह ने कहा है कि कालेज में आवारागिरी करने वाले बाहरी युवाओं द्वारा अकारण माहौल खराब किया गया। कालेज में बेहतर व्यवस्था की जवाबदारी प्राचार्य की होती है। बड़ी उम्मीद के साथ अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेजते हैं। यदि बाहरी लोगों द्वारा कालेज का माहौल खराब किया जाएगा तो प्राचार्य द्वारा उन्हें रोकना उनका मूल धर्म भी है। प्राचार्य ने वही किया है जो कालेज के हित और विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। विधायक बृहस्पत सिंह ने मामले में पंचायत मंत्री टीएस सिंह देव का नाम लिए बगैर फिर हमला बोला है कि सरकार के एक मंत्री के इशारे पर उच्च शिक्षा मंत्री पर दबाव बना निलंबित कराया गया है।

विधायक ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री फिलहाल बाहर हैं इसलिए उनसे चर्चा नहीं हो पा रही है। विधायक ने प्राचार्य के निलंबन को समाप्त करने की भी मांग की है। दरअसल शासकीय लरंग साय महाविद्यालय रामानुजगंज के कुछ विद्यार्थी, प्राचार्य के खिलाफ हड़ताल कर रहे थे। उन्हीं में से कुछ ने पिछले दिनों अंबिकापुर आकर पंचायत मंत्री टी एस सिंह देव से मुलाकात की थी। उसके बाद ही प्राचार्य के निलंबन का आदेश जारी हुआ था । यही वजह है कि विधायक ने सरकार के एक मंत्री के इशारे पर प्राचार्य को निलंबित किए जाने का आरोप मढ़ दिया है।

निलंबन के बावजूद रामानुजगंज कालेज के प्राचार्य डा सोनवानी ने आदेश के मुताबिक बलरामपुर कालेज के प्राचार्य को अपना पदभार नहीं सौंपा है। जिस तारीख को निलंबन आदेश जारी हुआ उसके एक दिन पहले की तारीख पर प्राचार्य की ओर से कालेज के 11 विद्यार्थियों को अगले तीन वर्षों के लिए निष्कासित किए जाने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। इस आदेश में उल्लेखित किया गया है कि संबंधित विद्यार्थियों ने कॉलेज की गरिमा के विपरीत कार्य किया। प्राचार्य से अपमानजनक व्यवहार किया। फिलहाल प्राचार्य के निलंबन को लेकर रामानुजगंज कालेज में पढ़ाई बाधित है। प्राचार्य के निलंबन को वापस लिए जाने की मांग को लेकर राजनीति गरमाई हुई है।

Posted By: Yogeshwar Sharma