ग्रेच्युटीः इस्पात मंत्रालय को अंधेरे में रखकर सेल ने निकाला आदेश, करेंगे शिकायत

Updated: | Mon, 29 Nov 2021 12:51 AM (IST)

भिलाई। ग्रेच्युटी पर सिलिंग के सेल प्रबंधन का आदेश का बीएमएस (भिलाई इस्पात मजदूर संघ) ने विरोध किया है। यूनियन कार्यालय में हुई बैठक के बाद सांकेतिक प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन ने इस्पात मंत्रालय को अंधेरे में रखकर यह आदेश निकाला है। इसका हर स्तर पर विरोध करेंगे।

भारतीय मजदूर संघ की बैठक रविवार को कार्यालय में हुई। इसमें यूनियन नेताओं ने कहा कि सेल प्रबंधन की शिकायत इस्पात मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय से करते हुए कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय से अवगत कराएंगे। पदाधकारियों ने कहा किग्रेच्युटी पर सिलिंग को लेकर ईडी पीएंडए के द्वारा एक मीटिंग बुलाई गई थी। जिसमें भिलाई इस्पात मजदूर संघ के प्रतिनिधि के रूप में अध्यक्ष आई पी मिश्रा तथा संयुक्त महामंत्री रामजी सिंह शामिल हुए। उन्होंने प्रबंधन को स्पष्ट रूप से कहा कि जब वेज रिवीजन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है तथा सभी मुद्दे निराकृत नहीं होते इस प्रकार का एकतरफा आदेश मानय नहीं होगा।

यह आदेश किसके कहने और किसकी शह है पर आया है। क्या जिन तीन यूनियनों ने एमओयू पर साइन किए हैं उनके द्वारा 20 लाख ग्रेच्युटी सिलिंग पर भी साइन किया है। यदि हां तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। भारतीय मजदूर संघ इस प्रकार के किसी भी एकतरफा आदेश की निंदा करता है। संयंत्र हित में कर्मचारियों के मनोबल को तोड़ने वाला यह आदेश तुरंत वापस लिया जाए।इसी प्रकार पेंशन के संबंध में आये सर्कुलर में बेसिक डीए का 6 फीसद से 9 फीसद पेंशन फंड में प्रबंधन द्वारा जमा किए जाएंगा पर 1 नवंबर 2021 से लागू माना जाएगा प्रश्न यह है कि जब वेज रिवीजन एक जनवरी 2017 से माना गया है तो फिर 9 फीसद पेंशन फंड एक नवंबर 2021 से क्यों? इसे भी अधिकारियों की तर्ज पर एक जनवरी 2017 से दिया जाना चाहिए। भिलाई इस्पात मजदूर संघ कार्यालय में आयाजित बैठक में सभी सदस्यों ने एक स्वर में उधा पदाधिकारियों के साथ आर पार की लड़ाई के लिए तैयार रहने का आश्वासन दिया।

बैठक में महामंत्री रवि शंकर सिंह, उपाध्यक्ष हरिशंकर चतुर्वेदी, शारदा गुप्ता, विनोद उपाध्याय, कैलाश सिंह, उमेश मिश्रा, संयुक्त महामंत्री अशोक माहौर, प्रदीप पाल, सचिव श्रीनिवास मिश्रा, राजेश पांडे, कुलदीपक तिवारी, भूपेंद्र बंजारे, अनिल गजभिए, रमेश कुहिकर, जान आर्थर, राज नारायण सिंह तथा जिला मंत्री अंजली आदि थे।

Posted By: Nai Dunia News Network