Bilaspur High Court News: अधिवक्ता से दुर्व्यवहार, सरकंडा पुलिस को हाई कोर्ट की फटकार

Updated: | Sat, 31 Jul 2021 02:20 PM (IST)

बिलासपुर। Bilaspur High Court News: अधिवक्ता के साथ घर घुसकर मारपीट व दुर्व्यवहार करने के मामले में सरकंडा पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया। इससे परेशान होकर अधिवक्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इस मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने सरकंडा पुलिस को तलब कर फटकार लगाई। कोर्ट में मामला दायर होने के बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया। इस पर कोर्ट ने पुलिस को चेतावनी देते हुए मामले को निराकृत कर दिया है।

सरकंडा क्षेत्र के नगोई निवासी शशिभूषण पांडेय हाई कोर्ट में अधिवक्ता है।

उनके साथ गांव के लक्ष्मीनारायण केशर ने घर घुसकर दुर्व्यवहार करते हुए मारपीट किया था। उन्होंने 29 जून 2021 को इस मामले की रिपोर्ट सरकंडा थाने मंे दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने धारा 294, 323, 506, 452 के तहत अपराध दर्ज किया था। इस बीच आरोपित ने सेशन कोर्ट में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद भी पुलिस द्वारा आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा था। इस संबंध में अधिवक्ता पांडेय ने थाना प्रभारी जेपी गुप्ता से मिलकर 14 जुलाई को आरोपित को गिरफ्तार करने की मांग की।

इसके बाद भी टीआइ गुप्ता व उनकी टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान होकर अधिवक्ता पांडेय ने स्वयं उपस्थित होकर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। हाई कोर्ट के जस्टिस एनके व्यास की एकलपीठ में 30 जुलाई को इस मामले की सुनवाई हुई। इस पर कोर्ट ने दूसरी पाली में टीआइ गुप्ता को कोर्ट तलब किया। लेकिन, टीआइ गुप्ता ने अपने अंकल के निधन होने के कारण छुट्टी मंे जाने की जानकारी दी। साथ ही विवेचक सत्यनारायण देवांगन को फाइल लेकर हाई कोर्ट भेज दिया।

इस दौरान विवेचक ने बताया कि 28 जुलाई को आरोपित को गिरफ्तार ट्रायल कोर्ट में पेश कर दिया गया है। हाई कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद आरोपित को गिरफ्तार करने के मामले को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने अधिवक्ता के घर घुसकर दुर्व्यवहार करने के कृत्य को गंभीर मानते हुए थाना प्रभारी सहित स्टाफ को चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न की जाए। अधिवक्ता इस तरह की शिकायत लेकर आते हैं तो सरकंडा थाना प्रभारी व स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस चेतावनी के साथ ही कोर्ट ने मामले को निराकृत कर दिया है।

Posted By: sandeep.yadav