Air Facility in Bilaspur: हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति की बैठक में लिया गया निर्णय, शुरुआत में सप्ताह में दो दिन चलेगा महा धरना

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 01:20 PM (IST)

बिलासपुर। Air Facility in Bilaspur: बिलासा एयरपोर्ट को पूर्ण विकसित करने की मांग को लेकर हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति 26 अक्टूबर से पुन: धरने पर बैठने का एलान कर दिया है। शुरुआत में महाधरना आंदोलन सप्ताह में दो दिन चलेगा। मांग पूरी नहीं होेने तक प्रतिदिन धरना देंगे। इस दौरन प्रतिनिधिमंडल दिल्ली और रायपुर भी जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल पदाधिकारी अपनी बात प्रभावी ढंग से रखेंगे। हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति की एक आवश्यक बैठक गुस्र्वार की शाम राघवेंद्र राव सभा भवन परिसर में हुई। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट से संबंधित विभिन्न् विकास कार्यों और महानगरों तक उड़ानों के संचालन में कोई प्रगति नहीं होने पर रोष जताया गया।

साथ ही बैठक में आम सहमति से 26 अक्टूबर से पुन: आंदोलन प्रारंभ किया जाए। एक मार्च को बिलासपुर हवाई अड्डा वीएफआर श्रेणी के साथ संचालित होना प्रारंभ हुआ है। फिलहाल यहा बड़े विमान या रात के समय उड़ान नहीं हो सकती। हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग भी पुरानी है जो एक ही वक्त में दो उड़ानों को हैंडल करने में सक्षम नहीं है।

इनमें से नाइट लैडिंग और नई बिल्डिंग के लिये पैसा मंजूर हुए काफी समय बीत गया है परंतु आज तक इनके नक्शे और ड्राइंग तक तैयार नहीं है। दिल्ली के लिये जाने वाली उड़ान इलाहाबाद या जबलपुर रुककर जाती है। लगभग 3:30 घंटे का समय लेती है। साथ ही इसका किराया अक्सर सात हजार से ऊपर चल रहा है। उपरोक्त परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार के द्वारा भी नई उड़ान मंजूर करने में कोई पहल नहीं दर्शायी गई है।

इसलिए जरूरी है दोबारा आंदोलन

बैठक में वक्ताओं ने आंदोलन शुरू करने की जस्र्रत को रेखाकिंत करते हुए कहा कि 26 अक्टूबर 2019 और 26 अक्टूबर 2020 की तरह इस साल भी 26 अक्टूबर से ही आंदोलन प्रारंभ करने को उपयुक्त बताया। बैठक में किशोरी लाल गुप्ता रंनजीत सिंह खनूजा, महेश दूबे टाटा, देवेंद्र सिंह ठाकुर, बद्री यादव, मनोज श्रीवास, सुशांत शुक्ला, रोहित तिवारी, राघवेंद्र सिंह, ब्रम्हदेव सिंह, समीर अहमद, कमल सिंह, नवीन वर्मा, उमेश कश्यप, केशव गोरख नरेश यादव, चित्रकांत श्रीवास, अनिल गुलहरे, सालिक राम पांडेय, संतोष पीपलवा, शहबाज अली, साबर अली, अकिल अली और सुदीप श्रीवास्तव शामिल थे।

Posted By: Yogeshwar Sharma