Arpa Bhainsajhar Barrage Bilaspur: गेट खुलते ही तेज बहाव में बैराज की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त

Updated: | Fri, 24 Sep 2021 07:40 AM (IST)

बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।Arpa Bhainsajhar Barrage Bilaspur: अरपा भैंसाझार से बिना अलर्ट 2392 क्यूसेक मीटर पानी छोड़े जाने के बाद बैराज की सुरक्षा दीवार (प्रोटेक्शन वॉल) क्षतिग्रस्त हो गई है। ठेकेदार की ओर से यहां क्रांकीट के पेनल लगाए गए थे जो तेज बहाव के कारण बह गए। इससे निर्माण पर सवाल उठने लगे हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य गारंटी अवधि में है। क्षतिग्रस्त हुए हिस्से का निर्माण ठेकेदार की ओर से किया जाएगा।

कोटा ब्लाक स्थित अरपा भैंसाझार में बैराज का निर्माण किया गया है। बैराज के निचले हिस्से में जल संसाधन विभाग की ओर से दो करोड़ की लागत से सुरक्षा दीवार (प्रोटेक्शन वॉल) का निर्माण किया जा रहा है। ठेकेदार नेमजबूती के लिए सुरक्षा दीवार मेंक्रांकीट का पेनल लगाया है। बीते 15 सितंबर को पेंड्रा क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद जल संसाधन विभाग ने बैराज से आनन-फानन में 2392 क्यूसेक मीटर पानी छोड़ दिया। इससे अरपा नदी में बाढ़ आ गई।

इधर, पहली बार बैराज के आठ गेट से पानी छोड़े जाने के कारण यहां सुरक्षा के लिहाज से बनाई गई दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दीवार क्षतिग्रस्त नहीं हुई है, बल्कि यहां क्रांकीट के लगाए गए पेनल को नुकसान पहुंचा है। वर्तमान में ठेकेदार का यहां काम चल रहा है। 10 साल की गारंटी अवधि में होने के कारण इसका निर्माण ठेकेदार को ही करना है। हालांकि इससे सवाल उठ रहा है कि जब ठेकेदार ने घटिया निर्माण किया है तो इसकी मॉनिटरिंग अधिकारियों की ओर से क्यों नहीं की गई।

200 घरों में घुसा था पानी

पेंड्रा क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने दो दिन पहले ही जारी कर दी थी। इसके बाद भी जल संसाधन विभाग के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दिए। अचानक बैराज में जलभराव होने से अधिकारियोंने एकाएक आठ गेट खोल दिए। इससे अरपा नदी में बाढ़ आ गई। अचानक पानी छोड़े जाने के कारण शहर में नदी किनारे रहने वाले करीब 200 मकानों में पानी घुस गया।

इन्होंने कहा

बैराज में पानी जलभराव अधिक होने पर पानी छोड़ा गया था। इससे सुरक्षा दीवार के क्रांकीट पेनल कोनुकसान हुआ है। हालांकि निर्माण गारंटी अवधि में होने के कारण इसमें दिक्कत नहीं है। ठेकेदार को भी इसकी मरम्मत करनी होगी।

अशोक तिवारी

कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग खारंग डिवीजन

Posted By: anil.kurrey