Bilaspur Crime news: ड्राइवर को फोन कर मंगाया चेक फिर रहस्यमय ढंग से गायब हो गए स्काई अस्पताल के संचालक

Updated: | Mon, 20 Sep 2021 10:36 PM (IST)

बिलासपुर।Bilaspur Crime news: सरकंडा के राजकिशोर नगर स्थित स्काई अस्पताल के संचालक प्रदीप अग्रवाल रविवार को अपने वाहन चालक को फोन कर चेक मंगाया और अनजान व्यक्ति को देने के लिए कहा। इसके बाद से संचालक अचानक गायब हो गए। माना जा रहा है कि स्र्पयों के लेनदेन को लेकर विवाद है। इसके चलते संचालक के रहस्यमय ढंग से गायब होने की बात कही जा रही है। पुलिस की पांच टीम उनकी तलाश में जुटी है। अफसरों का दावा है कि चलतेहम सुराग मिले हैं। जिसके आधार पर संभावित ठिकानों में दबिश देने की योजना बनाई गई है।

स्काई हास्पिटल के संचालक प्रदीप अग्रवाल के रविवार की शाम संदिग्ध परिस्थियों में गायब होने की खबर आई। तब सरकंडा पुलिस सकते में आ गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मामले की जांच में जुट गई। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया और उनकी तलाश में जुट गई। रविवार की रात पुलिस ने उनके मोबाइल काल डिटेल्स लिया और फिर वाहन चालक सहित अन्य लोगों से पूछताछ की। बताया गया कि रविवार दोपहर करीब चप्रदीप अग्रवाल अपने स्काई हास्पिटल से निकले और इसके बाद वे लौटकर घर नहीं आए। पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में उन्हें आखरी बार देखा।

प्रदीप अग्रवाल अपनी कार भिजवाने के लिए चालक को बुलाया। इसके बाद गायब हो गए। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि डाक्टर ने काल कर चालक को चेक लेकर बुलाया और अनजान व्यक्ति को देने की बात कही। फिर दोबारा नए नंबर से काल आया और अपनी जान का खतरा बताने लगे। पूछताछ में यह भी पता चला है कि संचालक और अस्पताल स्टाफ के बीच स्र्पयों का लेनदेन का विवाद है।

आरोप है कि संचालक ने स्टाफ का वेतन नहीं दिया है। वहीं, अस्पताल के पार्टनर डा. रफीक से भी स्र्पयों के लेनदेन का कुछ विवाद चल रहा है। उनके गायब होने के रहस्य को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। एसपी दीपक झा खुद इस मामले की मानिटरिंग कर रहे हैं। उनके दिशानिर्देश पर संचालक की तलाश के लिए पुलिस की पांच टीम बनाई गई है। जांच में पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं। जिसके आधार पर टीम दबिश देने की योजना बना रही है।

70 स्र्पये के इंजेक्शन को दो हजार में लगाने की शिकायत

पुलिस अफसरों ने बताया कि कोरोना काल में स्काई हास्पिटल प्रबंधन पर अवैध वसूली सहित गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं। उनके अस्पताल के स्टाफ ने उस समय कलेक्टर से मामले की शिकायत की गई थी। आरोप लगाया गया कि 70 स्र्पये के इंजेक्शन को दो हजार स्र्पये में लगाया गया है। अस्पताल स्टाफ की शिकायत पर अब तक कोई जांच नहीं की गई है।

Posted By: anil.kurrey