Bilaspur Dr. Sunil Gupta Column: अब तो इतराने लगी अरपा, दो दिन से जारी बारिश से नदी में पानी भरा

Updated: | Sun, 25 Jul 2021 08:40 AM (IST)

Bilaspur Dr. Sunil Gupta Column: डा सुनील गुप्ता, बिलासपुर नईदुनिया। इंद्रदेव मेहरबान हैं। दो दिनों से झमाझम बारिश हो रही है। अन्न्दाता किसानों के मुरझाए चेहरे पर खुशी नजर आने लगी है। घरों में बैठे किसान अब खेत में नजर आ रहे हैं। बरसते पानी में खेती किसानी के काम में व्यस्त हो गए हैं। रोपाई में जोर दे रहे हैं। बारिश ऐसी कि दो दिनों से झड़ी लगी हुई है। तेज बारिश के चलते अरपा भैंसाझार भी लबालब हो गया है। भैंसाझार का पानी अरपा की गोद मेें समाने लगा है। इंद्रदेव ने सूखी अरपा की प्यास जैसे ही बुझाई वह कल-कल छल-छल कर बहने लगी है। अरपा में पानी शहरवासियों के लिए कौतूहल का विषय भी बन जाता है। आठ महीने अरपा को सूखी देखने वाले लोगों की आंखों को बारिश में ही सुकून मिलता है। यह सुकून अब मिलने लगा है। यह बारहमासी हो जाए तब शहरवासियों का शाम का वक्त अरपा के तट पर ही गुजरेगा।

कहीं खुशी और कहीं गम: जिले की झोली में दो खुशियां दो दिन के भीतर एक-एक गिरीं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष के पद पर प्रमोद की ताजपोशी की खबर आई। खुशियां मना ही रहे थे कि दूसरे दिन मुख्यमंत्री के करीबी और सत्ता के बड़े केंद्र माने जाने वाले अटल को पर्यटन मंडल के अध्यक्ष की चमकदार कुर्सी मिली। खुशियां ही खुशियां आईं। खुशी के बीच भैया के बेहद करीबी और सिपहसालार पंडित जी की श्रीमतीजी बैंक फ्राड की शिकार हो गईं। भैया के खेमे में हाहाकार मच गया। खुशी के बीच गम के इस झोंके ने मजा किरकिरा कर दिया। भैया से लेकर समर्थक भरपाई करने में जुट गए। बैंक से लेकर पुलिस तक फोन घनघना पड़ा। इसी बीच एक और रोचक घटना घटी। एक और पंडितजी बैंक फ्राड के शिकार हो गए। जैसा कि उन्हांेने खुद बताया। रकम जो बताई वह जंची नहीं। एक ने चुटकी ली कहीं रिकवरी तो नहीं।

धरती पकड़ से सब परेशान: एक धरती पकड़ बिलासा की धरती में भी है। राजनीति की चमक दमक और चुनावी माहौल में बने रहने की इनकी कमजोरी के चलते कट्टर समर्थक भी दूरी बनाने लगे हैं। इंजन चलाने से लेकर पंजा लहराने और हल चलाने के बाद भी इनकी सियासी थकान कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। अब भी उतने ही सक्रिय। इनकी सक्रियता के आगे युवा भी पानी मांगने लग जा रहे हैं। सक्रियता और दौड़ भाग ऐसी कि आइजी आफिस के पास से लेकर मंत्रियों के वाहन में ये ही नजर आते हैं। सियासी कनेक्शन भी ऐसा कि राजधानी से निकलते ही इनके पास सूचना पहुंच जाती है कि फलां मंत्री किस नेता के निवास पहुंचेंगे। बस फिर क्या। आवभगत में इनका कोई जवाब भी नहीं। सेवा के कायल मंत्री तत्काल अपने साथ ले लेते हैं। फिर क्या। जहां-जहां मंत्री वहां-वहां भैया धरती पकड़। अफसरों को इतना संदेश काफी है।

काश ऐसी सतर्कता सब बरतें: शुक्रवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सभागार में बैंक के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रमोद नायक ने पदभार ग्रहण किया। 20 साल बाद बैंक के अध्यक्ष पद पर कांग्रेसी काबिज हुए। जाहिर है उसी अंदाज में खुशी भी मनाई गई। स्कूल शिक्षा मंत्री पहुंचे। मुख्यमंत्री निवास से सीएम वर्चुअल जुड़े और कार्यक्रम को संबोधित भी किया। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में मौजूद दिग्गज कांगे्रसी से लेकर कार्यकर्ता और बैंक के अधिकारी से लेकर कर्मचारी। सब मास्क लगाए नजर आए। यह पहला अवसर है जब सार्वजनिक कार्यक्रम में लोग कोरोना के प्रति सतर्कता बरतते नजर आए। काश ऐसी समझदारी हम सभी दिखाएं। मास्क लगाएं और शारीरिक दूरी का पालन गंभीरता के साथ करने लगे तब कोरोना को हारना ही पड़ेगा। अगर हम ईमानदारी के साथ ये दोनों काम करने लगें तो तीसरी लहर को रोकने में कामयाब हो जाएंगे। भावी पीढ़ी की बेहतरी और सुरक्षा के लिए यह करना जरूरी है।

Posted By: Yogeshwar Sharma