Bilaspur Education News: ऑनलाइन पढ़ाई पर ऑफलाइन परीक्षा, खतरे में 800 बच्चों की जान

Updated: | Sun, 17 Oct 2021 11:55 PM (IST)

बिलासपुर। Bilaspur Education News: डीएवी स्कूल प्रबंधन ने ऑनलाइन पढ़ाई के बाद पांचवीं से आठवीं कक्षा के बच्चों की छमाही परीक्षा ऑफलाइन लेने का फरमान जारी किया है। इस आदेश से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अब भी कोरोना का खतरा है। इसके अलावा वायरल भी फैला हुआ। ऐसी स्थिति में बच्चों को स्कूल बुलाकर परीक्षा लेने उनकी जान से खिलवाड़ करना है। दो दिन पहले अभिभावकों का एक प्रतिनिधि मंडल स्कूल भी पहुंचा था। लेकिन प्रिंसिपल से मुलाकात नहीं हुई। सोमवार को वे दोबारा जा सकते हैं। वह चाहते हैं कि परीक्षा भी ऑनलाइन हो।

स्कूल में इन चारों कक्षाओं की छमाही परीक्षा 20 से 30 अक्टूबर तक होनी है। परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद अभिभावक यही मान रहे थे कि स्कूल प्रबंधन ऑनलाइन माध्यम ही अपनाएगा। पर अचानक उन्होंने यह आदेश जारी कर दिया कि परीक्षाएं ऑफलाइन होंगी। इस दौरान बच्चों को यूनिफार्म में स्कूल आना पड़ेगा। इससे अभिभावक परेशान हो गए। उनका मानना है कि अभी कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को ही है, क्योंकि उन्हें वैक्सीन नहीं लगी है। यह जानते हुए भी स्कूल प्रबंधन ऑफलाइन परीक्षा आयोजित कर बच्चों की जान जोखिम में डाल रहा है।

कोरोना संक्रमण के साथ-साथ अभी वायरल भी फैला है। बच्चों की भीड़ स्कूल पहुंचती है तो वे वायरल की चपेट में भी आ सकते हैं। इस आदेश से असहमत कुछ अभिभावक स्कूल के प्रिंसिपल से मुलाकात करने पहुंचे थे। 25 से 30 की संख्या में अभिभावकों की भीड़ देखकर स्कूल प्रबंधन सकते में आ गया। पर प्रिंसिपल नहीं थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की समस्याएं बताईं। अभिभावकों की चिंता जायज भी है। वैसे भी किसी भी निजी स्कूल में परीक्षा तो दूर क्लासेस भी ऑफलाइन नहीं ली जा रही है।

बच्चों की जान ताक में रखकर प्रबंधन स्कूल बुला रहा है। पर अभिभावक यह नहीं चाहते। उनका कहना है कि इस सत्र क्लास के साथ परीक्षा भी ऑनलाइन आयोजित कराई जाए। नए सत्र से चाहे तो ऑफलाइन की व्यवस्था की जा सकती है। मालूम हो कि इन चारों कक्षाओं में चार-चार सेक्शन हैं। एक सेक्शन में लगभग 50 बच्चे हैं। इस लिहाज से 800 बच्चे स्कूल पहुंचेंगे। वह छोटे भी हंै। इसलिए चाहकर भी स्कूल प्रबंधन कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करा सकता।

बेवजह पड़ेगा आर्थिक बोझ

स्कूल प्रबंधन इस आदेश से अभिभावकों पर बेवजह का आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्हें यूनिफार्म, जूते, बैग व पानी बोतलें खरीदनी पड़ेगी। इससे अतिरिक्त खर्च होंगे। जाहिर है कि यूनिफार्म खरीदने के लिए बच्चों को बाजार लेकर जाना पड़ेगा। जबकि ज्यादातर अभिभावक बच्चों को जितना हो सके भीड़ से दूर रखने का प्रयास कर रहे हैं।

वास्तुनिष्ठ होंगे प्रश्न

अभिभावकों के अनुसार छमाही परीक्षा वास्तुनिष्ठ होंगे। मसलन हर प्रश्न का उत्तर चुनने के लिए चार विकल्प दिए जाएंगे। बच्चों को इनमें से सही उत्तर पर ही निशान लगाना है। केवल इतने के लिए स्कूल बुलाकर परीक्षा ली जा रही है। जबकि इसे घर बैठे आयोजित की जा सकती है।

अभी बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं: डॉ. सुशील

इस संबंध में अपोलो अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार कहना है कि अभी बच्चों को स्कूल बुलाकर परीक्षा लेना सुरक्षित नहीं है। कोरोना का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा वायरल भी फैला हुआ। बच्चे इससे प्रभावित हो सकते हैं। जब अभी तक अध्यापन का सारा कार्य ऑनलाइन ही हुआ है तो एकाएक ऑफलाइन परीक्षा लेने बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं है।

Posted By: Yogeshwar Sharma