Bilaspur Health News: हीमोफीलिया पीड़ितों को जल्द मिलेगा सिम्स में उपचार

Updated: | Fri, 06 Aug 2021 09:00 AM (IST)

बिलासपुर। Bilaspur Health News: हीमोफीलिया पीड़ितों के लिए राहत भरी खबर है। अब सिम्स में भी उनका उपचार हो पाएगा। मरीज के किसी हादसे का शिकार होने पर रक्त का बहाव रोकने के जरूरी इंजेक्शन काफी महंगा होता है। सिम्स में इसे निश्शुल्क लगाया जाएगा। हीमोफीलिया एक अनुवांशिक बीमारी है। इस रोग का कारण क्लाटिंग फेक्टर नामक रक्त प्रोटीन की कमी है। पीड़ित व्यक्ति का रक्त का थक्का नहीं जम पाता हैं।

ऐसे में चोट लगने के बाद लगातार खून बहता रहता है। ऐसे में साधारण चोट भी पीड़ित व्यक्ति के खतरनाक साबित हो सकता है। इसे रोकने के लिए जरूरी इंजेक्शन काफी महंगा होने से गरीब तबके के मरीजों को काफी कठिनाई होती है। शासन स्तर पर सिर्फ रायपुर मेडिकल कालेज में यह इंजेक्शन लगाया जाता हैं। वहां क्षेत्र के पंजीकृत बच्चों को जरूरत पड़ने पर व्यवस्था की जाती है।

वहीं बिलासपुर व आसपास के हिमोफीलिया पीड़ितों को इस इंजेक्शन के लिए 20 से 25 हजार स्र्पये खर्च करने पड़ते हैं। अब सिम्स ने अपने यहां भी इस इंजेेक्शन को उपलब्ध कराने शासन से बात की है। इससे क्षेत्र के हिमोफीलिया पीड़ितों को समय पर उपचार मिल सकेगा। डीन डा. तृप्ति नगरिया भी इसके लिए विशेष प्रयास कर रही हैं। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डाक्टर पुनीत भारद्वाज को सीजीएमएससी के माध्यम से इंजेक्शन मंगवाने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।

जिले में 80 से ज्यादा मरीज

जिले में हीमोफीलिया के 80 से ज्यादा पीड़ित हैं। इनके इंजेक्शन के लिए हिमोफीलिया सोसायटी काम कर रही है। लेकिन कई बार इन्हें भी समय पर इंजेक्शन नहीं मिल पाता है। वहीं मुंगेली जिले में इस बीमारीके 250 से ज्यादा मरीज हैं। सिम्स में उपचार की व्यवस्था होने पर इन मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

हिमोफिलिया ग्रसित की उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इंजेक्शन की उपलब्धता के लिए शासन स्तर पर बात की गई है। इंजेक्शन लाने के लिए अस्पताल अधीक्षक को प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।

डा. तृप्ति नगरिया, डीन, सिम्स

Posted By: Yogeshwar Sharma