बिलासपुर नगर निगम उपचुनाव: तीन दिन में एक भी नामांकन नहीं

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 09:04 AM (IST)

बिलासपुर। नगरीय निकाय उपचुनाव के तहत 20 दिसंबर को वार्ड 29 में पार्षद पद के लिए मतदान होना है। इसके लिए बीते 27 नवंबर से नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लेकिन, तीन बीत चुके हैं किसी भी उम्मीदवार ने अब तक नामांकन जमा नहीं किया है। नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख तीन दिसंबर निर्धारित की गई है। ऐसे में आने वाले एक-दो दिनों के भीतर कांग्रेस-भाजपा के साथ अन्य अपने पत्ते खोलते हुए नामांकन दाखिल करेंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा करने के बाद शहर के वार्ड 29 में होने वाले वाले पार्षद चुनाव की प्रक्रिया जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से शुरू कर दिया गया है। चुनाव प्रक्रिया के तहत 27 नवंबर से तीन दिसंबर तक नामांकन भरने की तिथि निर्धारित की गई है। लेकिन, अभी तक कोई भी नामांकन भरने के लिए नहीं पहुंचा है। सोमवार को यह संभावना थी कि नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लेकिन, इस दिन भी ऐसा नहीं हुआ।

अभी नामांकन जमा करने के लिए चार बचे हुए हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि मंगलवार से नामांकन भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इधर, वार्ड 29 में कांग्रेस व भाजपा के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।। ऐसे में एकमात्र सीट के लिए दोनों पार्टी योग्य उम्मीदवार की तलाश में जुटा हुआ है। वहीं नामांकन जमा करने के लिए दोनों ही पार्टी आने वाले एक से दो दिन के भीतर उम्मीदवार की तलाश पूरी करते हुए नामांकन जमा करने पहुंचने की संभावना है।

निर्दलीय भी भर सकते हैं नामांकन

चुनाव तिथि की घोषणा होने के बाद वार्ड 29 के वार्ड स्तर के कई नेता सक्रिय हो चुके हैं। वे कांग्रेस व भाजपा से टिकट लेने के लिए जुगत लगा रहे हैं। ऐसे में जिन्हें टिकट नहीं मिलेगा, वे बागी तेवर भी अपना सकते हैं। ऐसे में कई लोग निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव में अपनी किस्मत अजमाने की कोशिश करेंगे।

रिश्तेदार को मिल सकता है टिकट

दिवंगत पार्षद शेख गफ्फार की वार्ड में अच्छी पूछपरख थी। लोगों के बीच वे काफी लोकप्रिय रहे। ऐसे में यह वार्ड हमेशा से कांग्रेसियों का वार्ड बना रहा है। यहां पर पार्षद चुनाव में कांग्रेस को आसानी से जीत मिलती रही है। लेकिन उनके निधन के बाद समीकरण बदलने के आसार को दरकिनार नहीं किया जा सकता। हालांकि कांग्रेस खेमे में इस बात की सुगबुगाहट है कि दिवंगत शेख गफ्फार के परिवार के सदस्य को टिकट दिया जा सकता है। लेकिन, इस पर अंतिम निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है।

सीट छीनने के लिए भाजपा कर रही पूरी कोशिश

भाजपा को यह मालूम है कि वार्ड 29 कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है। इसे छिनना काफी मुश्किल है। लेकिन, अब स्व. गफ्फार के नहीं होने का फायदा भाजपा को भी मिल सकता है। ऐसे में भाजपा भी इस सीट को पाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है और योग्य उम्मीदवार की खोज में जुटी है। इसी वजह से नामांकन की प्रक्रिया पूरी करने में देरी कर रहे हैं।

नामांकन जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तीन दिनों में एक भी नामांकन जमा नहीं किया गया है।

मोनिका मिश्रा, जिला उप निर्वाचन अधिकारी

Posted By: Arvind Dubey