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Bilaspur News: महाप्रभु ने 108 कलश के जल से किया स्नान, मंदिर के कपाट बंद

Updated: | Fri, 25 Jun 2021 08:00 AM (IST)

बिलासपुर। Bilaspur News: पूर्णिमा पर महाप्रभु जगन्नाथ भगवान ने 101 कलश के जल से स्नान किया। कोरोना महामारी के बीच श्रद्धालु भक्तों को केवल दूर से दर्शन की अनुमति थी। मुख्य पुजारी समेत सात पंडों ने स्नान मंडप में विधिवत परंपरा का निवर्हन किया। शाम को पूजा-अर्चना हुई। अब भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए बीमार हो गए हैं। इससे मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं।

रेलवे परिक्षेत्र स्थित जगन्नाथ मंदिर में हर साल की तरह इस वर्ष भी जगन्नाथ रथयात्रा की तैयारी चल रही है। गुरुवार को महाप्रभु को स्नान कराया गया। मंदिर प्रांगण के भीतर भक्तों का प्रवेश बंद था। केवल दूर से दर्शन करने की अनुमति थी। मास्क व दो गज की दूरी का पालन करते हुए भक्तों ने महाप्रभु के दर्शन किए।

समिति के समन्वयक केके बेहरा ने बताया कि पुजारी गोविंद पाढ़ी ने सुबह मंत्रोपचार के साथ पूजा-अर्चना की। देवस्नान के लिए बनाए गए स्नान मंडप में सबसे पहले भगवान सुदर्शन, बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा को लाया गया। आखिर में भगवान जगन्नाथ पहुंचे। उन्हें 101 कलश से स्नान कराया गया। परंपरा के मुताबिक अब शुक्रवार की सुबह से भगवान 15 दिनों के लिए बीमार हो जाएंगे। भक्तों को दर्शन नहीं देंगे। इस बीच प्रतिदिन उन्हें काढ़ा के रूप में तरह-तरह की दवाई दी जाएगी, ताकि वे जल्दी स्वस्थ हों।

नौ जुलाई को नवजोबन दर्शन

समिति के मुताबिक 15 वें दिन महाप्रभु नवजोबन रूप में दर्शन देंगे। यानी भगवान स्वस्थ होकर एक नए रूप में भक्तों को नजर आएंगे। 11 जुलाई तक यह सिलसिला चलेगा। 12 को गुंडिचा यात्रा (रथयात्रा) निकलेगी। इसके बाद भगवान अपने मौसी के घर रहेंगे। नवमें दिन बहुड़ा यात्रा होगी। अर्थात भगवान वापस अपने मंदिर पहुंचेंगे।

रेलवे में रथयात्रा नहीं निकलेगी

कोरोना महामारी के कारण इस साल भी रेलवे परिक्षेत्र में रथयात्रा नहीं निकलेगी। परंपरा का पालन करते हुए मंदिर के बगल में मौसी का घर मानकर भगवान को ले जाया जाएगा। हालांकि इस दौरान श्रद्धालु भक्त आसानी से महाप्रभु के दर्शन कर सकेंगे।

Posted By: Yogeshwar Sharma
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