Bilaspur Political News: बिलासपुर में बूथ कमेटियों पर रणनीतिकारों की लगी नजर, पदाधिकारियों की अग्निपरीक्षा

Updated: | Tue, 28 Sep 2021 12:42 PM (IST)

बिलासपुर। Bilaspur Political News: वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होना है। समय के हिसाब से देखें तो अभी भी बहुत वक्त है। सत्ताधारी दल कांग्रेस व प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के रणनीतिकारों की नजर अभी से ही बूथों पर जा टिकी है। बूथ प्रबंधन को लेकर रणनीतिकारों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बूथ को मजबूत करने ईमानदार और कर्मठ कार्यकर्ताओं की तलाश करने और उनको जिम्मेदारी देने का निर्देश दिया है।

सत्ताधारी दल के रणनीतिकारों की बूथ प्रबंधन को लेकर गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी मानिटरिंग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष मोहन मरकाम खुद ही कर रहे हैं। बीते दिनों बिलासपुर संभाग के छह जिलों के दौरे के दौरान बूथ कमेटियों के गठन को लेकर ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को हिदायत दी थी। उन्होंने यहां तक कहा था कि जो ब्लाक अध्यक्ष बूथ समितियों का गठन नहीं कर पाएंगे तो उनकी विफलता मानी जाएगी और निराशाजनक प्रदर्शन के रूप में गिना जाएगा।

नाराज पीसीसी चीफ ने तो ऐसे पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की बात भी कह दी थी। बूथ कमेेटियों के गठन में ब्लाक अध्यक्षों द्वारा किए जा रहे हीलाहवाला को देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने खुद ही कमान संभाल लिया है। ब्लाकों का दौरा कर रहे हैं। पदाधिकारियों की सार्वजनिक रूप से मीटिंग ले रहे हैं और बूथ समितियों में शामिल किए जाने वाले कार्यकर्ताओं के नाम की सूची भी मांग रहे हैं। बूथ समितियों में पार्टी के प्रति कर्मठ और इमानदारी कार्यकर्ताओं को शामिल करने की हिदायत भी दे रहे हैं।

भाजपा युवा मोर्चा में शुरू हुई तैयारी

भाजपा के सबसे प्रमुख अग्रगामी संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा में बूथ समितियों के गठन की तैयारी शुरू हो गई है। संगठनात्मक कामकाज को जिला मुख्यालय से लेकर गांव तक पहुंचाने के लिए भाजपा में पहले ही बूथ समितियों का गठन किया जाता है। भाजपा ने इसे इकाई नाम दिया है। इकाई समितियों में गांव के कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाता है और उनको ही बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

Posted By: sandeep.yadav