Bilaspur Politics: वोट बैंक की चिंता, बैकफुट पर शहर कांग्रेस कमेटी

Updated: | Fri, 24 Sep 2021 09:04 AM (IST)

बिलासपुर।Bilaspur Politics: सिम्स में हुई घटना ने प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में बवाल मचा दिया है। तीन दिनों तक चले घटनाक्रम का पटाक्षेप गुस्र्वार को उस वक्त हुआ जब शहर कांग्रेस कमेटी ने तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित कर दिया। अचरज की बात है कि जिस अहम मुद्द को लेकर शहर कांग्रेस कमेटी कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई थी उसमें प्रमुख किरदार का जिक्र तक नहीं किया गया। शहर विधायक के खिलाफ आक्रमक रवैया अख्तियार करने वाली शहर कांग्रेस को वोट बैंक की चिंता भी सताते नजर आई। तभी तो अजा वर्ग के पीड़ित कर्मचारी को न्याय दिलाने प्रस्ताव पारित कर दिया।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह के कट्टर समर्थकों में पंकज सिंह की गिनती होती है। शहर कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के प्रस्ताव से पंकज की परेशानी बढ़ गई है। पंकज ने सिम्स के जिस कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है वे अनुसूचित जाति वर्ग के हंै। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत उनका गांव है। जिला पंचायत की राजनीति में इस वर्ग की अच्छी खासी दखल है।

परंपरागत रूप से इस वर्ग को कांग्रेस का ही वोट बैंक माना जाता है। यही चिंता कार्यकारिणी को भी खाए जा रही है। वोट बैंक खिसकने की आशंका के चलते अपने ही कार्यकारिणी सदस्यों और दिग्गज कांग्रेसी नेताओं की सिफारिश को खारिज करते हुए पीड़ित को न्याय दिलाने का सियासी दिलासा भी दे गए। कार्यकारिणी की प्रस्ताव में इसे सर्वसम्मति से पारित कर वर्ग विशेष को भरोसा दिलाने की कोशिश भी की।

विपक्षी को मिला अहम मुद्दा

बीते तीन दिनों से सत्ताधारी दल के बीच जारी सियासी तकरार को प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के दिग्गज नेता से लेकर कार्यकर्ताओं की नजर लगी हुई है। सत्ताधारी दल के दिग्गज ही विपक्ष की भूमिका निभाते दिखाई दे रहे हैं। शहर की राजनीति में इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ जब एक ही दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच लक्ष्मण रेखा खींच गई हो।

हो रही सियासी फजीहत के बीच सत्ताधारी दल के संगठन के कर्ताधर्ताओं को अब वोट बैंक खिसकने की चिंता भी सताने लगी है। जाहिरतौर पर चुनावी माहौल में इन सब मुद्दों को भाजपाई रणनीतिकार प्रमुखता से उठाएंगे और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश भी करेंगे।

Posted By: anil.kurrey