Bilaspur Radhakishan Sharma Column: नौनिहालों की चिंता कीजिए सरकार, दो अगस्त से स्कूल के पट खोलने की तैयारी सरकारी स्तर पर शुरू हो गई है

Updated: | Sun, 01 Aug 2021 08:33 AM (IST)

Bilaspur Radhakishan Sharma Column: राधाकिशन शर्मा, बिलासपुर नईदुनिया। तीसरी लहर की आहट और आशंका के बीच दो अगस्त से स्कूल के पट खोलने की तैयारी सरकारी स्तर पर शुरू हो गई है। पहली से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के अध्ययन अध्यापन की चिंता के बीच जानमाल का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है। जान है तो जहान है। जिंदगी रहेगी तो पढ़ाई तो होते ही रहेगी। वैसे भी कोरोना की दूसरी लहर ने जमकर तबाही मचाई है। किसी ने अपना स्वजन खोया तो किसी ने मित्र और जान पहचान वाले। कोरोना से हारे और हमेशा-हमेशा के लिए साथ छोड़ गए। दूसरी लहर ने जो गम दिया है वह जिंदगी भर सालता रहेगा। काश! लहर आती ही नहीं और स्वजन व मित्र बिछुड़ते नहीं। तबाही मचाकर शांत हुई लहर से हम सबको सबक लेना ही होगा। तीसरी लहर से नौनिहालांे को बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। अब सरकार को गंभीरता से इस ओर ध्यान देना होगा।

कोरोना ने बढ़ाई ऐसी गरीबी

कोरोना की पहली लहर से उबरने के बाद जनजीवन कुछ सामान्य हो पाया था कि दूसरी लहर की धमक श्ाुरू हो गई। इस लहर ने चौतरफा नुकसान किया। धनहानि हुई वह अलग, जनहानि ने सबको हैरत में डाल दिया। लहर के आगोश में नौनिहाल से लेकर युवा और बुजुर्ग सभी समा गए। देखते ही देखते कइयों की दुनिया उजड़ गई। किसी का मांग का सिंदूर बिछड़ गया। बच्चे अनाथ हो गए। माता-पिता दोनों साथ छोड़ गए। तबाही ऐसी कि लोग बेकारी की राह पर आकर खड़े हो गए। कामगार युवा एक झटके में बेरोजगारों की कतार में खड़े हो गए। दूसरी लहर ने जो तबाही मचाई वह बरसों-बरस लोगों के जेहन में कैद रहेगा। एक और काम कर दिया। गरीबों की संख्या भी बढ़ा दी। हम अपने जिले की बात करें और सरकारी आंकड़ा देखें 14 महीने में 20 हजार लोग बीपीएल की कतार में आकर खड़े हो गए हैं।

तिकड़ी के बीच घिरे पंडितजी

बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों नारी शक्ति का जोर चल रहा है। सत्ताधारी दल ने महिला सशक्तीकरण का ऐसा सियासी प्रयोग किया है कि दिग्गजों को समर्थन करते बन रहा है और ना ही विरोध जताते। करें तो आखिर क्या करें वाली स्थिति हो गई है। बिल्हा ब्लाक अध्यक्ष, पथरिया जिला पंचायत सदस्य और हाल ही में श्रम कल्याण मंडल में सदस्य की जिम्मेदारी संभाल रहीं जिला पंचायत की तेजतर्रार सदस्य। सियासत में नारी सशक्तीकरण का इससे अच्छा उदाहरण देखने को नहीं मिलेगा। दिग्गजों की रणनीति देखिए। खेले भी तो पूरा का पूरा पिछड़ा कार्ड। सियासत में जमाना इनका ही चल रहा है। जैसा देश वैसा भेष वाली कहावत पूरी तरह फिट बैठ रही है। नारी शक्ति की तिकड़ी के बीच पंडितजी ऐसे फंसे की राजनीति बेपटरी होती दिखाई दे रही है। तेजतर्रार छवि वाले नेताजी हार मानने वालों में से नहीं है। उनका पिछला रिकार्ड शानदार रहा है।

गोपी के लिए बने कृष्ण

गोपी शहर की राजनीति के लिए चर्चित नाम हो गया है। यातायात पुलिस के साथ थोड़ी सख्ती क्या बरती पुलिस वाले तो ऐसे पीछे पड़े कि गोपी नहीं कुछ और ही है। मशहूर हिंदी फिल्म का गाना भी इससे जुड़ता जा रहा है। जो है नाम वाला वही तो बदनाम है, मेरे अंगने मंे तुम्हारा क्या काम है। हुआ भी ठीक ऐसा ही। गोपी ने सड़क रांग साइड से पार कर दी। बस फिर क्या था। फिल्मी स्टाइल में तू तड़ाक और इसी अंदाज में बात थाने पहुंची और खाकी ने अपना जलवा दिखा दिया। आव देखा ना ताव गोपी के लिए स्पेशल टीम बन गई। महाराष्ट्र से ले भी आई और सीखचों के पीछे भी पहुंचा दिया। सब-कुछ फिल्मी अंदाज में। नेताजी भला कहां शांत बैठने वाले थे। गोपी के लिए विधानसभा में कृष्ण की भूमिका निभाई। पुलिस वालों की पोल खोलकर ही माने। मंत्रीजी को बताना ही पड़ा।

Posted By: Yogeshwar Sharma