Blood Shortage in CIMS: सिम्स में खून की कमी, सिर्फ आपातकालीन मरीज के लिए है स्टाक

Updated: | Sat, 18 Sep 2021 05:00 PM (IST)

बिलासपुर।Blood Shortage in CIMS: सिम्स में अब कर्मियों की हड़ताल का व्यापाक असर पड़ रहा है। ब्लड बैंक का काम भी प्रभावित हो चुका है। ऐसे में क्षमता के अनुरूप दान में रक्त नहीं मिल रहा है। स्टाक कम होने की वजह से अब सिर्फ गंभीर मरीजों के लिए ही खून है। इसकी वजह से थैलेसीमिया और सिकलसेल पीड़ित बच्चों को भी समय पर ब्लड नहीं मिल पा रहा है। सामान्य मरीजों को ब्लड के लिए निजी ब्लड बैंक का चक्कर काटने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। सिम्स कर्मियों की हड़ताल 23 अगस्त से चल रही है। तीसरे व चौथी श्रेणी वाले 400 से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

स्वभाविक है कि इसका असर चिकित्सकीय व्यवस्था पड़ेगा। वहीं अब कर्मचारियों का नहीं होने का प्रभाव सिम्स के ब्लड बैंक में भी पड़ने लगा है। मरीजों को समय पर खून नहीं मिल पा रहा है। खासतौर से सिकलसेल और थैलेसीमिया के मरीजों को हर माह एक से दो यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। हिमोग्लोबिन सात से नीचे होने पर खून चढ़ाया जाता है, ऐसे में यदि इन्हें समय पर ब्लड नहीं मिलेगा तो जान खतरे में पड़ सकती है।

सिम्स में भी हर माह 120 से अधिक ऐसे मरीज आते हैं जिन्हें रक्त की आवश्यकता होती है। लेकिन जब से हड़ताल शुरू हुई है इन्हें भी ब्लड मिलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में इनके स्वजनों को निजी ब्लड बैंक से खून की व्यवस्था करने मशक्कत करनी पड़ रही है। मौजूदा स्थिति में केवल गंभीर मामलों में ही ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है। बाकियों को खूद ही व्यवस्था करने कहा जा रहा है। ऐसे में मरीजों को खून की व्यवस्था करने में दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है।

50 से ज्यादा प्रकार की जांच बंद

पैथोलाजी, माइको और बायोकेमिस्ट्री विभाग के 50 से अधिक जांच बंद हो गई है। तीनों डिपार्टमेंट ने डीन डा. तृप्ति नगरिया को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। इसके बाद भी व्यवस्था दूस्र्स्त नहीं हो पा रहा है और मरीज उपचार से वंचित हो रहे हैं।

ये जांच हैं बंद

थायराईड, डी-3, डी-12, सिरम फायरटी, एचबीआइसी, कैंसर, टाइफाइड, ब्लड कल्चर, यूरिन कल्चर, सिरोलाजी, विडाल, सीआरपी, एएसओ, आरए, एचबीएसएजी, एचसीबी, बाडी फलूट के साथ अन्य जांच पूरी तरह से बंद हैं।

Posted By: anil.kurrey