Chhattisgarh High Court News: पांच साल से प्रदेश में सड़क बनाने का काम चल रहा है जो अब तक है अधूरा: न्यायमित्र

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 08:18 PM (IST)

बिलासपुर। Chhattisgarh High Court News: हाई कोर्ट के निर्देश पर गठित न्यायमित्रों की टीम ने शुक्रवार को डिवीजन बेंच के समक्ष सरकारी ढर्रे से चलने वाले कार्यों की पोल खोल दी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कोर्ट को बताया है कि बीते पांच वर्षों से प्रदेश में सड़क निर्माण चल रहा है, जो अब तक अधूरा है। नगर निगम के अलावा लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के स्वामित्व वाली सड़कों की हालत बेहद खस्ता है। लोग जर्जर और जानलेवा सड़कों के बीच आना जाना करने के जिए मजबूर हैं।

न्यायमित्रों ने चीफ जस्टिस एके गोस्वामी व जस्टिस गौतम भादुड़ी की डिवीजन बेंच के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को सड़कों की हालत को लेकर स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी थी। शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने रिपोर्ट पेश करने की मोहलत मांग ली। डिवीजन बेंच ने जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तिथि तय की है।

जनहित याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने वकील राजीव श्रीवास्तव, प्रतीक शर्मा व राघवेंद्र प्रधान को न्यायमित्र नियुक्त कर प्रदेशभर की सड़कों की जांच करने और रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। साथ ही बिजली कंपनी के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग व नगरीय प्रशासन विभाग को अपने स्वामित्व वाली सड़कों की रिपोर्ट पेश करने के साथ ही खस्ताहाल और अच्छी सड़कों की तस्वीर भी पेश करने को कहा था।

निगम की बदहाल सड़कों से शुरू हुई सुनवाई

बिलासपुर निवासी हिमांक सलूजा ने नगर निगम सीमा की बदहाल सड़कों को दुस्र्स्त करने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डिवीजन बेंच ने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को पूरे प्रदेश की सड़कों की स्थिति को शामिल करते हुए नए सिरे से जनहित याचिका दायर करने और हिमांक की जनहित याचिका में इसमें शामिल करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने तीन वकीलों को न्यायमित्र नियुक्त कर रिपोर्ट पेश करने को कहा था।

Posted By: Yogeshwar Sharma