Chhattisgarh High Court News: न्यायमित्र ने कहा- डीजीपी को नहीं है पैरोल पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 08:47 PM (IST)

बिलासपुर। Chhattisgarh High Court News: बंदियों को पैरोल पर रिहाई पर पुलिस महानिदेशक ने एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इसे चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। डिवीजन बेंच ने कानूनी सवालोें का जवाब जानने के लिए न्यायमित्र का गठन किया है। न्यायमित्र ने डिवीजन बेंच को बताया है कि पैरोल पर प्रतिबंध लगाने का कानूनी अधिकारी पुलिस महानिदेशक को नहीं है।

न्यायमित्र की रिपोर्ट के बाद चीफ जस्टिस एके गोस्वामी व जस्टिस गौतम भादुड़ी की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 25 अक्टूबर की तिथि तय कर दी है। बिलासपुर निवासी विकास कौशिक ने हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका वकील शक्तिराज सिन्हा के माध्यम से पेश की है। इसमें बताया गया कि पिछले साल कोविड काल में जेलों में बंद कैदियों को पैरोल पर छोड़ा गया था। इनके वापस आने के बाद डीजीपी के आदेश पर जेल प्रशासन ने इसमें कैदियों द्वारा पैरोल का आवेदन करने पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया।

इसके अलावा यह भी कहा गया कि कैदी जेल से बाहर जितने भी दिन रहे थे, इनकी गणना कैदियों को मिली सजा में नहीं की जाएगी। इस प्रकरण में तत्कालीन एक्टिंग चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई थी। राज्य शासन की ओर से जवाब पेश नहीं किया जा सका था। शुक्रवार को चीफ जस्टिस एके गोस्वामी व जस्टिस गौतम भादुड़ी के डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। न्यायमित्र प्रफुल्ल भारत ने कोर्ट को बताया कि डीजीपी को पैरोल के संबंध में ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है।

Posted By: Yogeshwar Sharma